औरैया। शहर के 50 शैया युक्त जिला अस्पताल में चल रही ब्लड बैंक के लाइसेंस नवीनीकरण को लेकर तैयारी अंतिम रूप ले रही है। जेनरेटर के ऑटोमेशन के लिए निजी कंपनी को पत्र लिखा गया है। बता दें कि ब्लड बैंक के लाइसेंस को लेकर बुनियादी मानकों में महज एसी व ऑटोमेटिक जेनरेटर मिलना ही बाकी था।
शहर के 50 शैया जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के संचालन को लेकर पिछले कई सालों से कवायद चल रही है। इन दिनों लाइसेंस नवीनीकरण को लेकर बुनियादी बिंदुओं पर ब्लड बैंक की व्यवस्थाओं को खरा उतारने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले दिनों जहां ड्रग इंस्पेक्टर ज्योत्सना आनंद समेत सीएमओ डॉ. सुनील कुमार वर्मा ने खामियों को चिह्नित करने को लेकर निरीक्षण भी किया था।
इसमें मुख्य तौर पर तीन एसी व एक ऑटोमेटिक जेनरेटर की जरूरत शेष बची थी। ऐसे में सीएमओ स्तर से तीन एसी की डिमांड पूरी कर ली गई है। वहीं 50 शैया जिला अस्पताल में लगे जेनरेटर को मोडिफाइड कराने के लिए ऑटोमेटिक मशीन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सीएमएस ने टाटा कंपनी को पत्राचार करते हुए जनरेटर के ऑटोमेशन के लिए जरूरी मशीन की मांग भेजी है।
इसके मुहैया होने के बाद ब्लड बैंक की सभी खामियां दूर हो जाएंगी। वहीं दिल्ली से ब्लड बैंक के लाइसेंस को लेकर टेक्निकल टीम के आने की उम्मीद भी जताई जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक ब्लड बैंक के लाइसेंस नवीनीकरण को लेकर आचार संहिता के दौरान काम पूरा कर लिया जाएगा। वहीं जुलाई माह में ब्लड बैंक को संचालित कराने की योजना है।
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वर्जन
ब्लड बैंक को लेकर ऑटोमेटिक जनरेटर की व्यवस्था अनिवार्य है। इसे लेकर टाटा कंपनी को पत्राचार करते हुए पूर्व में मिले जनरेटर में ऑटोमेशन कराए जाने की मांग की गई है। वहीं सीएमओ स्तर से एसी मुहैया कराए गए हैं।
- डॉ. मंजू सचान, सीएमएस