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Auraiya News: फर्जीवाड़े की बोतल से निकला लखनापुर का जिन

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औरैया। वैसुंधरा ग्राम पंचायत में फर्जी तरीके से पट्टे आवंटन का मामला अभी चल ही रहा था कि पड़ोस की ग्राम पंचायत लखनापुर में भी एक ऐसे ही मामले की आवाज उठने लगी है। यहां आरोप है कि दो भाई न तो ग्राम पंचायत के निवासी हैं, और न ही न्याय पंचायत के। इसके बावजूद पशुचर भूमि पर पट्टा पा लिया है।
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सूत्र यह भी बताते हैं कि कई लेखपालों की ओर से इसकी आख्या भी प्रेषित की है, लेकिन लखनापुर का फर्जीवाड़ा उजागर नहीं हो सका। वैसुंधरा के बाद फर्जीवाड़े की बोतल से एक जिन लखनपुर का भी निकल आया है, जिसने सरगर्मी बढ़ा दी है।
एक शिकायतकर्ता की ओर से पोर्टल के माध्यम से जिला प्रशासन व शासन में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें दो भाइयों के नाम पशुचर भूमि पर फर्जी तरीके से पट्टे होने का आरोप लगाया गया है। इसमें दोनों भाइयों के बारे में अहम जानकारी भी दी गई है। बताया गया है कि दोनों भाई न तो ग्राम पंचायत के निवासी है, और न ही न्याय पंचायत के। इसके बावजूद पट्टे फर्जी कागजात के आख्या पर दे दिए गए।
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यहां पर पशुचर भूमि पर भी आवंटन मानकों के लिहाज से ताक पर रहा। शिकायती पत्र में बताया गया है कि इस फर्जी पट्टे के आवंटन की भनक लेखपालों को भी हो गई थी। यही वजह रही कि पट्टे की जमीन को संक्रमणीय नहीं किया गया। जमीन अभी भी असंक्रमणीय है। जानकारों की माने तो यह बेशकीमती जमीन है। लखनपुर ग्राम पंचायत अपने आप में दिबियापुर के महंगे क्षेत्र में आती है।
शिकायती पत्र में एक जिक्र यह भी है कि वैसुंधरा ग्राम पंचायत में फर्जी तरीके से हुए पट्टों का खुलासा करने वाली सात सदस्यीय जांच टीम से लखनापुर के फर्जीवाड़े की जांच कराई जाए। हालांकि जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अभी तक यह मामला पूरी तरह से नहीं पहुंचा है, लेकिन आवाज उठ चुकी है। दूर तक जाएगी। जांच हुई तो यहां पर भी कुछ चेहरे बेनकाब हो जाएंगे।
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