संवाद न्यूज एजेंसी
एरवाकटरा। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विभाग तमाम दावे करता है, लेकिन धरातल पर अनदेखी के चलते व्यवस्थाएं बेपटरी हैं। एरवाकटरा सीएचसी भी इसकी बानगी दे रही है। दो माह पहले सीएचसी में आई एक्सरे की मशीन महज रखे हुए शोपीस बनी हुई है। टेक्नीशियन के अभाव में एक्सरे शुरू नहीं हो पा रहे हैं।
एरवाकटरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में रोजाना 100 से ज्यादा मरीज पहुंचते हैं। इसमें टीबी के संभावित 10 से ज्यादा मरीज पहुंचते हैं। इनके लिए एक्सरे की जांच होना अनिवार्य हैं। वहीं एक्सीडेंटल मरीज भी रोजाना पहुंचते हैं। सीएचसी पर एक्सरे मशीन की जरूरत को देखते हुए करीब दो माह पूर्व यहां एक्सरे मशीन मंगवाई गई।
लाखों रुपये की कीमत की यह मशीन जुटाते हुए इंस्टालेशन भी हो गया, लेकिन इस मशीन से जांच करने के लिए टेक्नीशियन का अभाव है। मशीन आपरेट करने वाले कर्मचारी के अभाव में जांच नहीं हो पा रही है। यहां आने वाले मरीजों को सैफई, इटावा, बिधूना व छिबरामऊ जाना पड़ रहा है। वहीं प्राइवेट में जांच करानी पड़ रही है। सरकारी स्वास्थ्य सुविधा का टोटा मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है।
मरीजों को बाहर की दौड़ करनी पड़ रही है। एरवाकटरा सीएचसी अधीक्षक डॉ. मोहित कुमार ने बताया कि एक्सरे मशीन के संचालन के लिए टेक्नीशियन को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। टेक्नीशियन आने के बाद मशीन से जांचें शुरू करा दी जाएंगी।