औरैया। सदर ब्लॉक के गांव मिर्जापुर स्थित गोशाला का गोबर गैस प्लांट शोपीस बनकर रह गया है। एक वर्ष पहले 16 लाख की लागत से इसका निर्माण कराया गया था। कर्मचारियों के अभाव में इसका संचालन नहीं हो पा रहा है। इससे इसकी मशीनों में जंग लग रही है। जबकि जिले के उमरी व तरई गोशाला में गोबर गैस प्लांट का संचालन किया हो रहा है।
शासन ने गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा वैकल्पिक ऊर्जा के श्रोतों को अपनाने के उद्देश्य से वर्ष 2021 में 16-16 लाख रुपये की लागत से जैतापुर, उमरी व तरई की गोशालाओं में गोबर गैस प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे। तीनों स्थानों पर गोबर गैस प्लांट बनकर तैयार हो चुके हैं। जिसमें तरई व उमरी गोशाला में गोबर गैस प्लांट से बिजली तैयार हो रही है।
जिसका उपयोग गोशाला में प्रकाश, पेयजल आदि के लिए किया जा रहा है। जबकि जैतापुर गोशाला में इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इसके संचालन के लिए अलग से कर्मचारी का कोई इंतजाम नहीं है। गोशाला में काम करने वाले कर्मचारी इसका संचालन करने के लिए तैयार नहीं है। इससे यह गोबर गैस प्लांट बंद पड़ा है।
जिला पंचायत राज अधिकारी शिव शंकर सिंह ने कहा कि जैतापुर गोबर गैस प्लांट बंद होने की जानकारी मिली है। रक्षाबंधन के बाद इसका स्थलीय निरीक्षण कर इस जल्द से जल्द शुरू कराया जाएगा। उमरी व तरई गोशाला में गोबर गैस प्लांट ठीक काम कर रहे हैं।
गोबर गैस प्लांट। संवाद- फोटो : AURAIYA