ककोर (औरैया)। एआरटीओ कार्यालय में चालान अदायगी के नाम पर हुए गबन के मामले में बुधवार को एक बार फिर से कानपुर आरटीओ कार्यालय की टीम पहुंची।
ककोर मुख्यालय स्थित एआरटीओ कार्यालय में करीब दो घंटे तक टीम ने अभिलेखों की पड़ताल की। इस दौरान एक साल के स्टेटमेंट जुटाए गए एआरएम से चालान के बारे में पूछताछ हुई।
पांच जनवरी को भाऊपुर निवासी शिवाकांत पाठक के जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। उसके सुसाइड नोट ने एआरटीओ कार्यालय की मुश्किलें बढ़ा दीं थीं। दिबियापुर रोड स्थित स्टेट बैंक में चालान अदायगी को लेकर गबन की बात सुसाइड नोट में सामने आई थी। इसके बाद कानपुर आरटीओ कार्यालय ने जांच शुरू की थी। तब से ही चालानों की पड़ताल जारी है।
कुछ चालान डिपो के एआरटीओ में दर्ज मिले थे। जिनकी खासतौर पर पुष्टि के लिए बुधवार को जांच टीम मुख्यालय पहुंची। यहां एआरएम से पूछताछ में चार चालान एआरटीओ कार्यालय के नाम मिले। वहीं जांच टीम ने एआरटीओ से वर्ष 2023 के 12 महीनों के चालान स्टेटमेंट लिए।
एक साल के एआरटीओ कार्यालय के चालान स्टेटमेंट लेने के लिए ककोर आए हैं। औरैया डिपो के एआरएम से पूछताछ की गई है। डिपो के चार चालान एआरटीओ के नाम दर्ज पाए गए हैं। जल्द ही गबन की स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।
-प्रदीप कुमार, जांच टीम सदस्य, आरटीओ लेखाधिकारी, कानपुर