कंचौसी (औरैया)।
लछियामऊ निवासी युवक का शव गुरुवार शाम गांव पहुंचा तो मासूम भाई बहन गमगीन दिखे। परिवार के लोग उन्हें ढांढस बंधाते रहे। देर शाम यमुना के शेरगढ़ घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव लछियामऊ निवासी अजय उर्फ छोटू (18) पुत्र अशर्फी लाल की अपने चाचा स्व. मोहनलाल की पुत्री रोली (17) से नजदीकी थी। बताया जा रहा है कि दोनों एक दूसरे को पसंद करते थे। चाचा मोहनलाल की मौत के बाद चाची ममता ने दूसरी शादी कर ली। मूसानगर के गौरी में वह बेटी रोली के साथ रहने लगी। दो माह पहले रोली अपने पैतृक गांव लछियामऊ आई थी। अजय व रोली के बीच की नजदीकी को लेकर परिजनों में नाराजगी थी।
दो दिन पहले अजय गौरी गांव पहुंचा। जहां रोली व अजय ने बुधवार रात फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। चाची की सूचना पर गांव लछियामऊ से परिजन गौरी पहुंचे। जहां से अजय का शव लेकर परिजन लौट आए। शेरगढ़ घाट पर युवक का अंतिम संस्कार कराया गया। पिता अशर्फीलाल, बहन खुशबू, भाई प्रेम, रामू गमगीन रहे।