औरैया। यातायात माह के 29 दिन गुजर गए हैं। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। दिसंबर माह की शुरुआत से ही कोहरा पड़ने के आसार हैं। ऐसे में हाईवे के अवैध कट, टूटे डिवाइडर और जर्जर सर्विस लेन हादसे का बड़ा कारण बन सकती हैं। इन अवैध कटों से हल्के व भारी वाहन बेखौफ गुजर रहे हैं, जिससे अक्सर हादसे होते हैं।
जिले में यातायात व्यवस्था जुगाड़ के भरोसे संचालित हो रही है। कानपुर देहात के महटौली से लेकर इटावा सीमा अजीतमल तक गुजरे नेशनल हाईवे पर अवैध कट की संख्या कई गुना हो गई है। स्थानीय लोगों ने इसे अपनी सुविधा के अनुसार इस्तेमाल करना शुरू किया है। कदम-कदम पर अवैध कट से हादसे बढ़े हैं। ठंड बढ़ने के साथ दिसंबर में कोहरा पड़ना शुरू होगा। ऐसे में अवैध कट और टूटे पड़े डिवाइडर, बैरियर बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। समय रहते इन्हें बंद कराने के साथ कार्रवाई नहीं की गई तो घटनाओं पर अंकुश नहीं लगेगा।
- सड़क सुरक्षा की बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों के साथ परिवहन व पुलिस विभाग को अवैध कट बंद करने, तीव्र मोड़, डिवाइडर, सर्विल लेन शुरू होने वाली जगहों पर संकेतांक लगाने के निर्देश दिए थे। मगर यह योजना पिछले एक साल से कागजों पर दौड़ती रही। जिले की सीमा में करीब छोटे बड़े 50 अवैध कट हैं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक हाईवे किनारे जहां घनी आबादी है या तीव्र मोड़ है, वहां एनएचएआई प्रबंधन को लोहे की जालियां लगाकर अवैध कट बंद करने के निर्देश थे। यह योजना अधर में लटकी है।
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बोले जिम्मेदार....
सड़क हादसे रोकने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। लोहे की जाली लगाने के लिए स्थान चिह्नित कर एनएचएआई को भेजे गए हैं। इसकी समीक्षा भी की जा रही है, रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। कोहरे में हादसे रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- रेहाना बानो, एआरटीओ प्रवर्तन