औरैया। शहर के 50 शैया युक्त जिला अस्पताल में लगभग एक माह से बंदर व कुत्ता काटने के इंजेक्शन न होने से मरीजों को भटकना पड़ रहा था। वहीं कुछ मरीज बाहर से इजेंक्शन खरीद कर लगवा रहे थे। अमर उजाला ने मरीजों की समस्या को पांच अप्रैल को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद अस्पताल को दो सौ इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। जिससे अब लोगों को राहत मिलेगी।
शहर में बंदर व कुत्तों का आतंक होने से लोग इनके हमलों से घायल हो रहे हैं। इनके काटने और संक्रमण से बचाव के लिए लगने वाला एआरवी एक माह से नहीं था। जबकि सरकारी अस्पतालों में एआरवी लगवाने की सुविधा निशुल्क है। अस्पताल में इंजेक्शन न होने पर लोगों को भटकना पड़ रहा था। वहीं कुछ मरीज बाहर के मेडिकल स्टोरों से 300 से 350 रुपये खर्च कर एआरवी खरीद रहे थे। अस्पताल से करीब 30 से 40 मरीज प्रतिदिन बिना एआरवी की डोज लिए वापस हो रहे थे। खबर प्रकाशित होने के बाद महकमा अलर्ट हुआ। प्रभारी सीएमएस डॉ. शत्रुघ् ने बताया कि इंजेक्शन के लिए मांग की गई थी। शुक्रवार को ही 200 इंजेक्शन मिले है। अब अस्पताल आने वाले लोगों को इंजेक्शन लगाए जाएंगे। इसके साथ ही और मांग की जा रही है।