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Auraiya News: मुकद्दस रमजान खुदा का अनमोल तोहफा

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फोटो02एयूआरपी 17 - तराबी नमाज के बाद बयान फ रमाते मौलाना। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
फफूंद। कस्बा के मोहल्ला तरीन स्थित मदीना मस्जिद में नौंवे रमजान पर तरावीह नमाज में कुरान मुकम्मल हुआ। इस मौके पर मस्जिद में एक महफि ल का आयोजन हुआ। इसमें नात पाक व सलाम पढ़ कर हाफिज ने रमजान और कुरान की बरकत, तरावीह व रोजे में अल्लाह व उसके रसूल के हुक्म पर बयान दिया और दुआ की।
कस्बे के मोहल्ला तरीन की मदीना जामा मस्जिद में नौंवें रमजान शनिवार रात को तरावीह में कुरान मुकम्मल हुआ। हाफिज जफ र कासिमी ने तराबी का एक दौर मुकम्मल कराया। इसके बाद हुई महफिल में तकरीर करते हुए हाफिज जफर कासिमी ने फरमाया कि वह लोग खुशनसीब हैं जिनको तरावीह में अल्लाह का कलाम सुनने के लिए मिला है। यह सदका हमारे नबी का है जिसकी वजह से अल्लाह का कलाम हमको नसीब हुआ है।
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अल्लाह ने फरमाया है कि हमने ही इसको नाजिल किया है, हम ही इसकी हिफाजत करेंगे। उन्होंने कहा कि तरावीह अभी खत्म नहीं हुई है। तरावीह में कलाम पाक सुनना अलग सुन्नत है और पूरे माह तरावीह सुनना अलग सुन्नत है। मुकद्दस रमजान अल्लाह का अनमोल तोहफा है, यह नेकी का महीना है। जिसमें अल्लाह की बेपनाह रहमत और बरकत बंदों पर होती है।
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हर मुसलमान को रोजा रखना चाहिए और कसरत से अल्लाह की इबादत करनी चाहिए। इसके बाद मौलाना उस्मान कासिमी ने भी मुकद्दस माह के आखिरी अशरे में पढने वाली शबे कद्र की रात की फजीलत का बयान फरमाया। इस मौके पर सलीम खां, हाजी मोहम्मद लईक, हाजी मोहम्मद यूनुस, मुहम्मद तैयब, मुहम्मद मुजीब, मुहीत, मुर्शिद, कामिल, बच्चू भाई मेव, जेद, रमजान खां आदि समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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