औरैया। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव से सौहरी गढि़या में फैली बीमारी ने स्वास्थ्य विभाग की बेचैनी बढ़ा दी। बीमारी की रोकथाम के लिए जिला व ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारी गांव पर विशेष नजर बनाए हैं।
सौहरी गढि़या में सोमवार को बुखार आने से 18 वर्षीय खुशी दुबे व 60 वर्षीय महाराज सिंह की मौत हो जाने की जानकारी पर सक्रिय हुई स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार देर रात तक गांव में डेरा जमाए रही। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अवनीश कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने गांव के 25 घरों का सर्वे किया। जिसमें उन्हें सात घरों में एडीज लार्वा मिला। छह बुखार पीड़ित समेत 42 लोग बीमार मिले। टीम ने सभी बीमारों को दवाई वितरित कर 22 लोगों के खून के सैंपल लिए।
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बुधवार को ब्लॉक के भेजी गई सफाई कर्मियों की टीम ने गांव की नालियों में बजबजा रही गंदगी को साफ कर टेमीफॉस का छिड़काव कर फॉगिंग की। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अवनीश कुमार ने बताया कि सौहरी गढि़या निवासी 10 वर्षीय दो बच्चियां, 46 वर्षीय युवक व 55 वर्षीय महिला डेंगू के रैपिड टेस्ट में पॉजिटिव आए हैं। जिसमें से एक मरीज को अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। दो मरीजों को लेने के लिए टीम भेज दी गई। जबकि चौथे मरीज ने अस्पताल में भर्ती होने की जगह स्वयं इलाज करवाने की बात कही है।
अधीक्षक ने बताया कि यदि किसी को दो दिन से अधिक बुखार आए तो वह सीएचसी पर आकर जांच करवा लें। जिससे बुखार के प्रकार की जानकारी कर इलाज शुरू होने से मरीज को जल्द बुखार से निजात मिल सकेगी।
अस्पतालों में डेढ़ गुनी हुई मरीजों की संख्या औरैया। गांव क्षेत्र में फैल रही बीमारी ने अब शहरी क्षेत्र में भी पैर पसारने शुरू कर दिया है। बुधवार को शहर स्थित 50 शैया जिला अस्पताल की ओपीडी में 640 मरीज पहुंचे। इनमें 15 बुखार पीड़ितों की स्थिति को नाजुक देखते हुए अस्पताल के वार्ड में भर्ती किया गया। वहीं करीब 130 लोगों की डॉक्टरों की सलाह पर खून की जांच की गई। ओपीडी में मरीज देख रहे डॉ. मनोज ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। सुबह-शाम पूरे आस्तीन के कपड़े पहने, रात में खुले आसमान में न सोएं। वहीं दिन में धूप से आने के बाद ठंडा पानी न पीएं।