औरैया। पूर्व बसपा विधायक शेखर तिवारी पीडब्ल्यूडी इंजीनियर मनोज गुप्ता की हत्या के मामले में आजीवन सजा काट रहा है। 2022 में जिला प्रशासन ने उनकी लगभग 48 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुका है।
तत्कालीन बसपा विधायक शेखर तिवारी ने 24 दिसंबर 2008 को अपने साथियों के साथ पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार गुप्ता के घर पहुंच कर मारपीट की थी। अभियंता को इस तरह पीटा गया कि उनकी मौत हो गई। घटना की प्रत्यक्षदर्शी पत्नी शशि गुप्ता ने मारपीट के दौरान पति पर बिजली के तार से करंट लगाने तक के आरोप लगाए थे।
इस मामले में इंजीनियर की पत्नी ने तत्कालीन विधायक शेखर तिवारी, उनकी पत्नी नगर पंचायत अध्यक्ष विभा तिवारी, विनय तिवारी, रामबाबू, योगेंद्र दोहरे, मनोज अवस्थी, देवेंद्र राजपूत, संतोष तिवारी, गजराज सिंह, पाल सिंह व दिबियापुर थाने के इंस्पेक्टर होशियार सिंह को आरोपी बनाया था।
मामले की सुनवाई के बाद शेखर तिवारी को आजीवन कारावास की सजा हुई और तब से वह जेल में है। इधर, जिला प्रशासन ने अगस्त 2022 में उमरसाना स्थित पूर्व बसपा विधायक की 0.8050 हेक्टेयर जमीन जिसकी अनुमानित कीमत 47 लाख 49 हजार रुपये कुर्क की थी।