औरैया। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के 11 साल पुराने मुकदमें में जाति सूचक गाली-गलौज कर कार पर बम से हमले के चार दोषियों को पांच साल कारवास की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति अत्याचार निवारण अधिनियम सैफ अहमद ने सजा सुनाई है। इस दौरान कोर्ट ने दोषियों पर 32-32 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन की ओर से उक्त मामले की पैरवी कर रहे अभियोजन अधिकारी ओंकारनाथ त्रिपाठी ने बताया कि वादी मुकदमा पुर्वा नंदलाल निवासी प्रेमनारायण दोहरे ने 11 साल पहले कोतवाली अजीतमल में रिपोर्ट लिखाई थी। जिसमें बताया था कि 23 नवंबर 2011 को उनकी बहन व बहनोई सूरत से गांव आ रहे थे। दोनों भीखेपुर हाईवे रोड चौराहा पर उतरे। वहां बैठे गांव पूठा निवासी महेंद्र सिंह राजपूत, मान सिंह राजपूत, दलवीर सिंह राजपूत व रंजीत सिंह राजपूत शराब पी रहे थे। उन्होंने वादी की बहन को देखकर अपशब्द कहे।
विरोध पर चारों ने जाति सूचक गालियां दी और वादी, उसकी बहन व बहनोई के साथ मारपीट की। महेंद्र सिंह ने अपने हाथ से बम को कार के ऊपर फेंका। जिससे बम कार के शीशे से टकराकर फट गया। कार क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं वादी के कान तथा शरीर में चोटें आईं। शोर सुनकर लोगों के आ जाने पर अभियुक्तगण दो बाइकें छोड़कर भाग गए। यह मुकदमा अजीतमल कोतवाली में पंजीकृत हुआ।
पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट काेर्ट में प्रस्तुत की। यह मुकदमा विशेष न्यायालय एससीएसटी एक्ट सैफ अहमद द्वारा मंगलवार को निर्णीत हुआ। अभियोजन की ओर से अभियोजन अधिकारी ओंकारनाथ त्रिपाठी व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद एडीजे ने चारों अभियुक्तों महेंद्र सिंह, दलवीर सिंह, मान सिंह व रंजीत को पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया। इसके साथ ही चारों दोषियों पर 32-32 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। वसूले गए अर्थदंड की धनराशि से तीनों घायलों को मुआवजा बतौर 20-20 हजार रुपये अदा करने का भी आदेश दिया। चारों दोषियों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।