औरैया। रक्षाबंधन पर बहनों की आवाजाही बढ़ने से बसों और ट्रेनों में भीड़ रही। कानपुर-इटावा रूट पर चलने वाली बसें खचाखच भरी नजर आईं। इधर, लोकल रूट पर बसें कम होने से सड़कों पर खड़े होकर महिलाओं और यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। औरैया डिपो में जैसे ही कोई बस आती तो लोग जगह पाने के लिए टूट पड़ते थे। यही हाल ट्रेनों में देखने को मिला। पैसेंजर ट्रेनें भरी रहीं और हर प्लेटफार्म पर भीड़ नजर आई।
औरैया डिपो के पास 68 बसें हैं। इनमें से मात्र 25 बसों को अलग-अलग रूट पर रक्षाबंधन के लिए ही चलाया गया। बुधवार रात 12 बजे से शुक्रवार रात 12 बजे तक बस में बहनों की यात्रा फ्री थी। इसे लेकर आम दिनों की अपेक्षा काफी भीड़ रही। अलग रूट के लिए आने वाली बसें कम नजर आईं। डिपो में जो बसें पहुंची वो भी खचाखच भरी नजर आईं।
भीड़ होने से महिला यात्री सीट पाने के लिए परेशान नजर आईं। वहीं औरैया से इटावा, जालौन, कानपुर, आगरा, दिल्ली, कन्नौज आदि जगहों पर जाने के लिए महिलाएं परिवार के साथ घंटों इंतजार करती दिखीं। बस पहुंचते ही यात्री टूट पड़ते थे, इससे लोग बमुश्किल उतर और चढ़ पा रहे थे। एआरएम आरएस चौधरी ने बताया कि बसों की संख्या पर्याप्त है, जो बसें चल रही हैं, उनके फेरे बढ़ाए गए हैं।
रेलवे स्टेशनों पर रही भीड़
जिले के फफूंद, अछल्दा और कंचौसी स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ रही। कानपुर-टूंडला मेमू ट्रेन के साथ पैसेंजर ट्रेनें फुल रहीं। ट्रेन से उतरने से लेकर चढ़ने तक में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। भीड़ अधिक होने के कारण स्टेशनों पर आरपीएफ के जवान व्यवस्था संभालते नजर आए। सबसे ज्यादा कानपुर और इटावा जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों में भीड़ रही।
स्थानीय रूट पर वाहनों का टोटा
रक्षा बंधन पर्व के चलते दिबियापुर, फफूंद, अछल्दा, बेला, बिधूना, बाबरपुर, अजीतमल आदि रूट पर चलने वाले वाहन कम नजर आए। इधर, इन रूटों पर रोडवेज बसें भी कम रहीं। इससे लोकल में आने जाने के लिए लोगों को परेशान होना पड़ा। शहर के सुभाष चौक से कुछ लोग निजी वाहनों को बुक कर गंतव्य को आते-जाते दिखे।
कानपुर मार्ग पर वाहन के इंतजार में खड़ीं महिलाएं। संवाद- फोटो : AURAIYA