बिधूना। अन्ना मवेशियों की धमा चौकड़ी ने किसानों की नाक में दम कर रखी है। मवेशियों के गेहूं व सरसों की फसल को नुकसान पहुंचाने से किसान परेशान हैं। किसानों को मजबूरन रात में खेतों की रखवाली करनी पड़ रही हैं। प्रशासन की ओर से मवेशियों को पकड़ने का अभियान तहसील क्षेत्र में हवा-हवाई साबित हो रहा है। नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अन्ना मवेशियों को पकड़ने का आदेश महज कागजों पर पूरे किए जा रहे हैं।
शासन ने खुले में घूम रहे अन्ना मवेशियों को 31 दिसंबर तक पकड़ने के निर्देश दिए हैं। शासन स्तर से लगातार इसकी मॉनीटरिंग भी की जा रही है, लेकिन तहसील क्षेत्र में अभियान का कोई असर नहीं दिख रहा है। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अन्ना मवेशी विचरण कर रहे हैं। पिछले दिनों नोडल अधिकारियों ने सराय प्रथम, रूरूगंज का निरीक्षण किया था। इस दौरान अधिकारियों ने सड़कों से लेकर खेतों तक अन्ना मवेशियों को धमा चौकड़ी मचाते देख मवेशियों को पकड़कर गोशालाओं में भेजने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों के आदेश को कुछ समय चलाने के बाद जिम्मेदारों ने ठंडे बस्ते में डाल दिया। ब्लॉक क्षेत्र के गांव पसुआ, लखनहारा, सराय प्रथम कुसमरा, पुर्वा लक्षीराम धनवाली, भैसलौट, भगवानपुरा, सूखाताल आदि गांवों के किसानों ने अपने खेतों में गेहूं, सरसों, चना आदि की फसल बोई है। कुछ किसान तो कर्जा लेकर बलकट पर खेती की है। आलम यह है कि किसान सर्दी में फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं। किसान को जरा सी बीमारी या कमजोरी की स्थिति में आराम करने की सोचने पर ही अन्ना मवेशियों के झुंड मौका पाते ही मेहनत से उगाई उनकी फसल को चट कर जाते हैं। किसानों ने जिला प्रशासन से मवेशियों को पकड़वाने की मांग की है।
बीडीओ बिधूना प्रवीन द्विवेदी ने बताया कि मवेशियों को पकड़ने के लिए कैटल कैचर वाहन मंगाया गया है। जल्द ही सभी अन्ना मवेशियों को पकड़ कर गोशालाओं में भेजने का कार्य किया जाएगा। मवेशियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें कुछ मवेशियों को पकड़कर गोशाला भेजा गया है।