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Auraiya News: डीएपी न मिलने पर किसानों का हंगामा, बुलानी पड़ी पुलिस

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अछल्दा। बैसोली समिति पर पहुंचे किसानों को डीएपी न मिलने पर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। किसानों के बीच धक्का-मुक्की बढ़ती देख सचिव को पुलिस बुलानी पड़ी। इस बीच खाद न मिल पाने के कारण कई किसानों को खाद के बदले मायूसी के साथ वापस होना पड़ा।
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इस समय रबी सीजन की फसल खासकर आलू ,गेहूं की बुआई के लिए किसानों को डीएपी खाद की जरूरत है। इसके लिए मारामारी शुरू हो गई है। मंगलवार को बैसोली सहकारी समिति पर सुबह से ही किसान पहुंचने शुरू हो गए। कुछ ही देर में वहां पर काफी संख्या में किसान जुट गए। खाद पर्याप्त न होने की बात सुनकर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इसके चलते सचिव संतोष कुमार को पुलिस बुलानी पड़ी।
नाराज किसानों का कहना था कि वे खाद के लिए सुबह आठ बजे ही आ गए थे। खाद केंद्र खुलने से पहले ही यहां पर बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए थे, लेकिन सचिव ने आते ही कहा कि लाइन से एक-एक कर अंगूठे लगाने के बाद खाद दी जाएगी। किसानों का अंगूठा लगाने के बाद कुछ किसानों को खाद वितरण की गई। इस बीच किसान धक्का-मुक्की करने लगे। मौके पर पहुंची डायल 112 पुलिस ने किसानों को समझाकर किसी तरह से शांत करवाया।
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सचिव ने विभाग से भेजी गई डीएपी खाद को ट्रैक्टर से उतारने के बाद खाद वितरण करना बंद कर दिया। जिससे कई किसान खाद न मिलने से निराश होकर लौट गए। जिससे उनमें बहुत आक्रोश व्याप्त रहा।



पिछली बार हुई थी परेशानी, इस बार स्टॉक कर रहे किसान

अभी गेहूं की बुआई करने के लिए अधिक समय बचा हुआ है। उसके लिए डीएपी खाद की जरूरत पड़ेगी। किसान अभी से इसका स्टॉक करने में लगे हुए हैं। कहीं समय पर खाद उपलब्ध न हो उनको इसकी चिंता सता रही है। क्योंकि पिछले सीजन में किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।


डीएपी पर्याप्त मात्रा में है, 300 बोरी और आने को है। बुधवार सुबह किसानों को खाद पुलिस की निगरानी में मिलेगी। अब किसानों को आवश्यकता के अनुसार खाद दी जा रही है। कुछ किसान कई-कई आधार कार्ड लेकर पहुंच रहे हैं, जिससे वितरण की व्यवस्था गड़बड़ हो रही है। उन्होंने बताया कि अभी डीएपी की जरूरत नहीं है। गेहूं की बुआई का समय नवंबर से दिसंबर की शुरुआत तक होता है। - संतोष कुमार, सचिव
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