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औरैयाः बेरुखी से किसान फसल बीमा से मोड़ रहे मुंह

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औरैया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसान मुंह मोड़ रहे हैं, यह आंकड़े बयां कर रहे हैं। किसानों की मानें तो फसल बीमा कराने के बाद हानि होने पर बीमित किसान को धनराशि मिलने में दिक्कतें आती है। अफसर भी टालमटोल कर सही जवाब नहीं देते, यही कारण है कि किसान भी अब बचते नजर आ रहे हैं।
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जिले में करीब एक लाख चार हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि क्षेत्रफल है। इसमें खरीफ के सीजन में धान, मक्का के साथ बाजरा आदि फसलों की बुआई होती है। रबी के सीजन में आलू, गेहूं के साथ-साथ जौ सहित अन्य फसलें बोई जाती हैं। किसानों को फसल नुकसान से बचाने के लिए प्रधानमंत्री किसान फसल बीमा योजना की शुरूआत की गई थी।
इस साल से खरीफ के सीजन में फसल बीमा बीमा कराने वाले किसानों की संख्या में गुणात्मक कमी आई है। अब तक मात्र 9607 किसानों ने ही फसल बीमा कराया है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अमाशंकर राजपूत का कहना है कि फसल बीमा कराने वाले किसानों को लाभ आसानी से नहीं मिलता है। इस कारण भी किसान फसलों का बीमा कराने से कतराते हैं।
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प्रगतिशील किसान कवींद्र सिंह का कहना है कि फसल बीमा कराने के बाद यदि किसान को नुकसान हो जाता है तो वह आसानी से नहीं मिल पाता है। किसानों को तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कहा जाता है। जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि किसानों को फसल बीमा कराने के लिए जागरूक किया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार खरीफ की फसल में बीमा कराने में किसानों ने कम रुचि ली है। विभाग द्वारा किसानों को जागरूक कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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वर्षवार बीमा कराने वाले किसान
वर्ष फसल किसान प्रदत्त धनराशि (लाखों में)
2020 खरीफ 19327 38.02
2020 रबी 18761 21.40
2021 खरीफ 19040 95.82
2021 रबी 18497 क्षतिपूर्ति नहीं
2022 खरीफ 9607 सीजन चल रहा है
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