अजीतमल। क्षेत्र के गांव शहबाजपुर में खेत पर थ्रेसर से मूंग की मढ़ाई करते समय थ्रेशर में फंसी मूंग को निकालते समय किसान मशीन में चले गए। जब तक लोगों की नजर पड़ती तब तक थ्रेसर के ब्लेडों के बीच किसान कई बार घूम गया। इससे किसान की दर्दनाक मौत हो गई।
गांव शहबाजपुर के पास स्थित गिरधारीपुर गांव निवासी नीरज का सबमर्सिबल लगा हुआ है। वहीं आम के पेड़ की छांव में ट्रैक्टर व थ्रेशर खड़ा था। गिरधारीपुर गांव निवासी विद्याराम ग्राम पंचायत शहबाजपुर के गांव प्रतापपुर गांव निवासी किसान ब्रजेश कुमार राजपूत (35) बलकट पर लिए हैं। इसमें उन्होंने मूंग की फसल बोई थी। इसकी मढ़ाई थ्रेशर कटर से की जा रही थी। अन्य लोगों के साथ किसान बृजेश कुमार भी काट रहा था।
तभी थ्रेशर कटर में मूंग फंस गई। इसे निकालने के चलते ब्रजेश का हाथ थ्रेशर में चला गया। जब तक लोगों ने थ्रेशर कटर को बंद किया। तब तक ब्रजेश का शरीर पूरी तरह कटर थ्रेशर में चला गया। लोगों की चीख-पुकार पर मौके पर पहुंचे परिजन सहित सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंचे उपजिलाधिकारी रामाऔतार, सीओ राममोहन शर्मा, कोतवाल राजकुमार सिंह ने ग्रामीणों की मदद से थ्रेशर में फंसे ब्रजेश को बाहर निकाला।
करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव के चीथड़ों को थ्रेसर से बाहर निकाला जा सका। क्षेत्राधिकारी अजीतमल राममोहन शर्मा ने बताया कि मृतक के पिता सिपाही लाल की फौती सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं तहसीलदार जीतेश वर्मा ने बताया कि किसान की मौत हुई है। लेखपाल को मौके से रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए गये हैं। किसान दुर्घटना योजना के अन्तर्गत जो भी मुआवजा बनेगा उसे कृषक के घर वालों को दिया जाएगा।
परिवार को पालने वाला अकेला था बृजेश
अजीतमल। मूंग की मढ़ाई करते समय थ्रेशर से हुई किसान बृजेश की मौत पर पूरा परिवार सकते में है। परिवार में बूढ़े पिता सिपाही लाल व मां तारावती का रो-रोकर बुरा हाल रहा। रोते हुए कहते रहे कि अब कैसे होगा परिवार का पालन-पोषण। बृजेश के परिवार में बूढ़े मां व पिता के अलावा उसकी पत्नी नगीन तथा उसका बेटा रितुल जो पढ़ाई कर रहा है। एक बेटी नेहा जिसकी दो वर्ष पहले शादी हो गई है।