औरैया। बाढ़, बारिश का सामना कर रहे जरूरतमंदों का पक्के मकान का सपना पूरा नहीं हो सका। जिले में छह हजार के करीब जरूरतमंदों ने पक्के मकान के लिए आवेदन कर रखा है। प्रधानमंत्री आवास योजना में लक्ष्य और बजट आवंटित न होने से पात्र कच्चे व झोपड़ी वाले मकानों में रहने को मजबूर है। बारिश के बाद घर गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में उनकी रातें चिंता में कट रही हैं।
केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के बेघरों व कच्चे मकान में रहने वालों को पक्का आवास देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना चला रखी है। योजना के तहत तीन किस्तों में धनराशि के 1.20 लाख रुपये देने के साथ ही 90 दिन मनरेगा के तहत मजदूरी व शौचालय का अलग से पैसा दिया जाता है। जिले में वित्तीय वर्ष के करीब छह हजार लोगों के आवेदन लंबित पड़े हैं।
इन लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ ब्लॉक व जिले स्तर पर जाकर ऑनलाइन आवेदन किए। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पात्र लाभार्थी पक्का आवास पाने के लिए विभागों के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि बारिश से पहले सरकार की ओर से उन्हें पक्का आवास मिल जाएगा, लेकिन बजट और लक्ष्य आवंटित न होने से उन्हें आवास नहीं मिल सके। जिम्मेदार अफसर भी लाभार्थियों को सिर्फ आश्वासन देकर तसल्ली दिला रहे हैं।
सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 197 लोगों की सूची तैयार की जा चुकी है। बजट आते ही उन्हें मकान बनाने के लिए धनराशि आवंटित की जाएगी। जिले के सभी सात ब्लॉक से करीब छह हजार लोग आवेदन कर चुके हैं। वर्ष 2019 की सूची से पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ दिया जाना है। केंद्र सरकार से लक्ष्य मिलते ही सभी को योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
बाढ़ प्रभावित 197 लोगों को आवास का इंतजार
पिछले वर्ष यमुना में बढ़े जलस्तर से आई बाढ़ के कारण औरैया और अजीतमल तहसील के 23 गांव बाढ़ की चपेट में आए थे। बाढ़ से राहत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने सर्वे कराया तो दोनों तहसीलों में 197 परिवार ऐसे पाए गए। जिनके कच्चे मकान गिर गए या बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे। इन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाए जाने के लिए सर्वे करा कर सूची तैयार की गई, लेकिन एक वर्ष से अधिक का समय बीतने के बाद भी शासन से बजट न मिल पाने के कारण पात्र व्यक्तियों को लाभ नहीं दिलाया जा सका।
40 लाभार्थियों को नहीं मिला पूरा पैसा
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में वित्तीय वर्ष 2021-22 में 1385 में 1345 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 40 लाभार्थी दूसरी और तीसरी किस्त के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। समय से किस्त जारी न होने पर कई लाभार्थियों के आवास अभी पूरी तरह से पूर्ण नहीं हो सके हैं। इसे लेकर भी अधिकारी लाभार्थियों को गोलमोल जवाब देकर चलता कर रहे हैं।
आवेदन के बाद भी मकान न मिलने की जानकारी देती रामेश्वर दयाल की पत्नी रेशमा देवी। संवाद- फोटो : AURAIYA