औरैया। पिछले तीन माह से राजनीतिक दलों के कार्यालयों में खूब चहल-कदमी रही। नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं का आना-जाना, बैठक, तैयारी व रणनीति गढ़ी गई। सोमवार को मतदान के बाद मंगलवार को पार्टी कार्यालयों पर सन्नाटा रहा।
सोमवार को जिले में हुए मतदान के बाद बूथों के रुझान के अनुसार राजनीतिक दल प्रत्याशियों की जीत के कयास लगाने में मंगलवार को जुटे रहे। प्रत्याशी भी इसे लेकर संपर्क में रहे। इस सब के बीच राजनीतिक जानकारों में बसपा पर विशेष निगाह पहुंची। सूत्रों की माने तो कई बूथों पर बसपा के एजेंट व बस्ता नजर नहीं आए।
ऐसे में बसपा के वोट को लेकर चुनावी गुणा-गणित काफी उलझाने वाली रही है। कम वोटिंग वाले बूथों पर भी कार्यकर्ताओं से लेकर नेताओं की चिंता सुनने में आई। वहीं जातीय घेरेबंदी में इस बार का चुनाव उथल-पुथल वाला रहा। किसी प्रत्याशी के समीकरण बनते तो किसी के बिगड़ते नजर आए। तीन माह तक जिस कार्यालय में चुनावी रणनीति गढ़ी गईं। वहां मंगलवार को सन्नाटा नजर आया। अब चार जून को पार्टी कार्यालय फिर से चहल-कदमी देखी जाएगी।