औरैया। मौसम में आए बदलाव और तेज धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। अस्पताल में हीटस्ट्रोक के साथ डायरिया के मरीज पहुंचने शुरू हो गए हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों में ज्यादातर को उल्टी, दस्त और बुखार की समस्या रही। शनिवार के शहर 50 शैया अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे 15 मरीजों की हालत बिगड़ने पर भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। वहीं दोपहर तक ओपीडी में भीड़ बनी रही। डॉक्टरों ने गर्मी से बचाव की सलाह दी है।
मौसम का मिजाज बदलते ही संक्रामक रोगों का हमला शुरू हो गया है। इससे उल्टी, दस्त और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। शनिवार को अस्पताल में दोपहर दो बजे तक लगभग साढ़े तीन सौ मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया। जिसमें अधिकांश उल्टी, दस्त व बुखार से संबंधित थे। अस्पताल पहुंचने पर मोहल्ला गोविंद नगर निवासी स्तुति (10) पुत्री अमित कुमार, निशा (18) पुत्री वफीम अहमद निवासी हाजी का पुर्वा फफूंद, शबनम (27) पति सुरेश को हालत बिगड़ने पर भर्ती किया गया। इन सभी को बुखार के साथ पेट में दर्द, उल्टी, दस्त की समस्या थी। इसके कुछ देर बाद ही एक साल की पुत्री अनन्या व तीन साल के पुत्र अभी को लेकर अस्पताल पहुंचे ब्रह्मनगर मोहल्ला निवासी विनय दीक्षित ने बताया कि बच्चों की शनिवार दोपहर अचानक से हालत बिगड़ गई। उल्टी, दस्त के साथ बुखार आ गया। अस्पताल में भर्ती होने पर पानी की कमी के कारण उन्हें ग्लूकोज के साथ अन्य दवाइयां दी जा रहीं हैं।
अस्पताल की ओपीडी में मौजूद चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि मौसम गर्म होने के कारण डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। धूप में रहने के बाद लोग ठंडा पानी पी लेते हैं। जिससे सर्दी-गर्मी की वजह से खांसी, जुकाम के मरीज बढ़ रहे हैं। वहीं बिना हाथ धोए खाने-पीने की चीजें खाने से संक्रमण के चलते लोगों को उल्टी व दस्त की समस्या भी हो रही है। बताया कि डायरिया के मरीजों के बढ़ने के पीछे बाजार की तली, भुनी चीजें खाना भी है। कहा कि आज उल्टी, दस्त के लगभग 50 मरीज आए, जबकि बुखार के मरीजों की संख्या इतनी ही रही। इनमें से उल्टी, दस्त के चलते डायरिया के शिकार 15 मरीजों को भर्ती भी करना पड़ा। चिकित्सक ने लोगों को धूप से बचने के साथ शरीर में पानी की कमी न होने की सलाह दी।