संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। सड़कों पर बेतरतीब दौड़ रहे ऑटो व ई-रिक्शा हादसे का सबब बने हुए हैं। सवारियां ढोने वाले इन वाहनों से सामान लादकर सड़कों पर फर्राटा भरा जा रहा है। प्रशासन इससे पूरी तरह अनजान बना हुआ है।
ई-रिक्शा, ऑटो में अधिकतम चार सवारियां बैठना मान्य हैं, लेकिन इनमें क्षमता से दोगुनी सवारियां और भारी सामान ढोया जा रहा है। इससे इन वाहनों के असंतुलित होने से हादसे का खतरा बना रहता है। वहीं आगे व पीछे चलने वाले दो पहिया वाहनों को खतरा रहता है। इनके व्यवस्थित संचालन की जिम्मेदारी निभाने वाली ट्रैफिक पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है, तो परिवहन विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं देता।
केंद्र सरकार की ओर से नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू किए जाने के बाद पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा दो पहिया व चार पहिया वाहनों की चेकिंग के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन सड़कों पर दौड़ रहे ऑटो व ई-रिक्शा चालकों पर इसका कोई असर नहीं है। प्रमुख मार्गों और चौराहों पर हर जगह ई-रिक्शा व ऑटो का कब्जा नजर आता है। जिसके कारण दिन भर जगह-जगह जाम लगा रहता है।
किशोर भी इनका संचालन कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों का इन पर ध्यान नहीं जाता। ये तो सवारी व भाड़ा लेने के चक्कर में कहीं भी रुक जाते हैं। नियम और कानून को ताक पर रखकर फर्राटा भर रहे हैं।
रूट निर्धारित न होने से गलियों से हाइवे तक भरते फर्राटा
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 600 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। सैकड़ों ई-रिक्शा बिना पंजीकरण के भी चल रहे हैं। प्रशासन इनके आज तक रूट निर्धारण की व्यवस्था नहीं कर सका है। यही कारण है कि यह गलियों से लेकर हाईवे तक अपनी सुविधा के अनुसार फर्राटा भर रहे हैं। हाईवे पर सवारियां लेकर चलने के दौरान कई बार हादसे भी हो चुके हैं।
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ई-रिक्शा के जारी नहीं हुए परमिट
सवारियां लेकर चलने के लिए रूट निर्धारण के साथ परमिट की जरूरत होती है। मगर विभाग की ओर से अभी तक इन्हें परमिट जारी नहीं किया गया है। कई ई-रिक्शा चालक शहर से लेकर गांव तक मालवाहन का काम कर रहे है। कुछ ने हार्डवेयर दुकानों पर नियमित तौर पर माल ढुलाई का काम करना शुरू कर दिया है। बिधूना, अजीतमल, दिबियापुर, औरैया शहर समेत कई कस्बों में यह भारी वाहन लेकर चलते नजर आ रहे हैं।
बढ़ी संख्या तो सड़कों पर लगता जाम
कुछ साल पहले तक शहर में ऑटो और ई-रिक्शा न के बराबर थे, लेकिन कुछ ही समय में इनकी संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। नतीजा यह हुआ कि शहर के अंदर चौराहों, प्रमुख सड़कों पर भी इनकी बेतरतीब पार्किंग से जाम लगता है, जिससे लोगों को परेशानी होती है। यही नहीं किशोर भी ऑटो व ई-रिक्शा चलाते नजर आ जाते हैं जो सभी के लिए परेशानी का सबब बना है। सड़क पर जो ऑटो व ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं, उनके लिए न तो कोई नियम है और न कानून। इसी के चलते आए दिन हादसे होते रहते हैं।
ई-रिक्शा चालकों को कई बार हिदायत दी गई है। अभी तक इनके रूट निर्धारित नहीं हुए है। जो ई-रिक्शा व ऑटो चालक माल ढोते नजर आते हैं, उनपर चालान व वाहन सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। बिना पंजीकरण के चलने वाले ई-रिक्शा व ऑटो के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक कुमार, एआरटीओ प्रशासन