दिबियापुर। गेल के कार्यकारी निदेशक (प्रोजेक्ट) केबी सिंह को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद औरैया में गेल के दोनों संयंत्रों में खलबली मची हुई है। विजयपुर से औरैया पाइप लाइन का काम पिछले वर्ष ही पूरा हुआ है। माना जा रहा है कि क्लोजर के दौरान कंपनी के साथ सांठ गांठ में कार्यकारी निदेशक ने रिश्वत ली होगी।
दिबियापुर में हजीरा विजयपुर जगदीशपुर (एचवीजे) पाइप लाइन के बीच सेहुद में गेल का कंप्रेसर स्टेशन बना हुआ है। जबकि पाता में गेल का देश में सबसे बड़ा पेट्रोकैमिकल संयंत्र है। एचवीजे पाइप लाइन वर्ष 1988 में डाली गई थी। समय बीतने के साथ गेल इंडिया लिमिटेड ने पाइप लाइनों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रक्रिया शुरू की। गेल के अधिकारियों के अनुसार औरैया से फूलपुर पाइप लाइन 2016-17 में बिछाई गई थी। जबकि 2018 में विजयपुर से औरैया पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ था।
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विजयपुर औरैया पाइप लाइन का काम 2022-23 में पूरा कर लिया गया था। विजयपुर औरैया पाइप लाइन पर क्लोजर का काम चल रहा था। क्लोजर के दौरान काम को बारीकी से परीक्षण किया जाता है। इसके बाद कंपनी को सिक्योरिटी मनी आदि समेत बकाया अन्य भुगतान किए जाते हैं।
अधिकारी बताते हैं कि गेल की टेंडरिंग प्रक्रिया में पाइप लाइन बिछाने का काम कजाकिस्तान देश की एक कंपनी को मिला। कजाकिस्तान की कंपनी ने पेटी कांट्रेक्ट के तौर पर यह काम कुछ भारतीय कंपनियों को बांट दिया गया। गेल से जुड़े सूत्रों के अनुसार भारतीय कंपनी पेटी कांट्रेक्ट पर पाइप लाइन बिछाने का काम तो किया, लेकिन गेल के अधिकारियों को इसकी भनक नहीं लगने दी। बाद में गेल अधिकारियों को बिना बताए कजाकिस्तान की कंपनी ने हिंदुस्तानी कंपनी को वर्क सर्टीफिकेट भी जारी कर दिया। बताते हैं कि गेल में ही काम लेने के लिए हिंदुस्तानी कंपनी ने वर्क सर्टीफिकेट का प्रयोग किया। इससे कजाकिस्तान की कंपनी और भारतीय कंपनी के घालमेल की पोल खुली। इसी बीच सीबीआई को इसकी भनक लगी और केबी सिंह समेत कंपनी के अधिकारियों को दबोच लिया गया।
केबी सिंह का स्थानीय अधिकारियों में भी है खासी पैठ
गेल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2022 में केबी सिंह को गेल में कार्यकारी निदेशक (प्रोजेक्ट) के पद पर प्रमोशन हुआ था। इसके बाद देश भर में गेल के नए प्रोजेक्ट पर काम कराने की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। गेल के स्थानीय अधिकारियों में भी उनकी खासी पैठ रही है। केबी सिंह वर्ष 2018 से पहले गेल विजयपुर में सीजीएम के पद रहे। जबकि 2018 में 2022 तक जगदीशपुर हल्दिया पाइप लाइन (पूर्वी क्षेत्र के हेडक्वार्टर रांची) के ईडी के पद पर कार्यरत रहे। वर्ष 2022 में ईडी प्रोजेक्ट के पद पर प्रोन्नत होकर दिल्ली गए थे।