औरैया। रोडवेज डिपो में बुधवार को चालक और परिचालकों के न पहुंचने पर 12 बसें खड़ी रहीं। इटावा, कानपुर समेत अन्य रूटों पर बसों के फेरे कम हो जाने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। इस बीच कुछ यात्री डग्गामार वाहनों का सहारा लेते नजर आए। औरैया रोडवेज डिपो से रोजाना 67 बसें संचालित होंती है। तय मार्गों पर समय बद्ध तरीके से इन्हें रवाना किया जाता है। डिपो कर्मचारियों के अनुसार बसों पर चलने वाले चालक, परिचालकों को एक निश्चित दूरी के पूरी करने पर मानदेय व प्रोत्साहन राशि देने का प्राविधान है। ऐसे में जिन बस चालकों व परिचालकों का माह के अंत में लक्ष्य पूरा हो जाता है वह ड्यूटी से किनारा कर लेते है। यही वजह रही कि मई माह के आखिरी दिन विभाग द्वारा दिए गए लक्ष्य को पूरा करने वाले 17 चालक, परिचालक बुधवार को डिपों नहीं पहुंचे। इनके न आने के कारण इटावा, कानपुर, आगरा, मैनपुरी समेत अन्य रूटों पर चलने वाली 12 बसे दोपहर दो बजे तक खड़ी नजर आईं। बसों के पहिए थम जाने के कारण सवारियां भी परेशान नजर आई। कुछ सवारियां डिपो के बाहर तो कुछ हाईवे पर घंटों खड़े होकर बसों के आने का इंतजार करती दिखीं। इस बीच बसों की लेटलतीफी होने के कारण ज्यादातर लोग डग्गामार वाहनों का सहारा लेकर गंतव्य के लिए निकले।
चालक और परिचालक को माह में सात हजार किलो मीटर का सफर तय करना होता है। बुधवार को ड्यूटी से अनुपस्थिति रहने वाले चालक, परिचालकों को नोटिस जारी की जा रही है। उन्हें चेताया गया है कि लक्ष्य पूरा करने के बाद भी उपस्थित हों। रवैया न बदलने पर कार्रवाई की जाएगी। - आरएस चौधरी, एआरएम