औरैया। डिपो में जरूरत के हिसाब से चालकों व परिचालकों की कमी है। इसके चलते एक साथ सभी बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। यही कारण है कि वर्कशाप में मौजूद रहने वाली बसों के अलावा भी 10 से 12 बसें डिपो में खड़े-खडे जंग खा रही हैं। हालांकि अधिकारी दावा करते है कि सभी बसें संचालित होती है।
औरैया डिपो में कुल बसों की संख्या अब 78 हो चुकी है। इनके संचालन के लिए डिपो के पास कुल परिचालकों की संख्या 166 है, जबकि चालकों की संख्या 140 है। सभी बसों के विधिवत संचालन के लिए चालक और परिचालकों की कमी है। डिपो अधिकारियों को 26 चालकों की कमी खल रही है। वहीं ऐसे में किसी किसी चालक या परिचालक के छुट्टी पर जाने, किसी कारणवश अवकाश लेने या फिर बीमार होने की दशा में बस खड़ी रह जाती है।
उनका संचालन नहीं हो पाता है। इससे राजस्व पर असर पड़ता है, तो वहीं यात्रियों को भी बसों की कमी से परेशानी का सामना करना पड़ता है। घंटों यात्रियों को बसों के इंतजार में भटकना पड़ेगा। चालक-परिचालकों के न होने पर अक्सर 10 से 12 बसें डिपो परिसर में पिछले एक माह से खड़ी देखने को मिलती है।
विभागीय अधिकारी दावा कर रहे हैं कि सभी बसों का संचालन तो हो रहा है, लेकिन चालकों व परिचालकों की कमी उन्हें खलती है। सभी मार्गों पर बसों का विधिवत संचालन किया जा रहा है। वहीं डिपो परिसर व उसके आस-पास सवारियों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बस भी चलाई जाती है। इससे कि यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। चालक की कमी को पूरा करने के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
-
डिपो में चालक व परिचालकों की कमी है। जिसे पूरा करने के लिए भर्ती चल रही है। चयनित 14 चालकों को फाइनल टेस्ट देना है। इसकी तिथियां घोषित होने के बाद उन्हें टेस्ट के लिए कानपुर भेजा जाएगा। उसके बाद प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। हालांकि अभी मौजूद चालक-परिचालकों से सभी रूटों पर बसों के विधिवत संचालन किया जा रहा है।
- अपर्णा मीनाक्षी, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, औरैया।