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Auraiya News: मूलभूत सुविधाओं के अभाव में मजरा कुढ़री के युवाओं के लौट रहे शादी के रिश्ते

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संवाद न्यूज एजेंसी
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एरवाकटरा। विकास खंड की महज पांच किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत फैजुल्लापुर के मजरा कुढ़री में अनुसूचित जाति के 20 घर हैं। आजादी के 77 वर्षों के बाद भी इस मजरे के लोग बिजली और पक्की सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहां सड़क न होने और बिजली के अभाव में युवाओं के लिए कोई अपनी बेटी का रिश्ता करने को तैयार नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि किसी तरह युवाओं के रिश्ते लेकर पहुंचने वाले लोग जब सुविधाओं पर नजर डालते हैं तो शादी करने से किनारा कर लेते हैं। बरसात के दिनों में यह मजरा आसपास के गांवों से लगभग पूरी तरह से अलग-थलग हो जाता है। क्योंकि कच्चे रास्ते पर पानी भर जाने से चार पहिया वाहन तो छोड़िए दोपहिया वाहन भी यहां नहीं पहुंच पाते।
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ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें की। बावजूद न किसी जनप्रतिनिधि ने इस मजरे के लोगों के दर्द को समझा और न ही किसी अधिकारी ने। सोलर पैनल जुटाते हुए किसी तरह मोबाइल फोन आदि को चार्ज के आधार पर चलाकर लोग बिजली के संकट से किसी तरह निपट रहे हैं।
मजरा कुढ़री निवासी सुनील कुमार, राजेश्वरी, सुरजीत तथा लज्जावती आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव के ही एक युवा सुनील का विवाह इटावा जिले के एक गांव से पिछले दिनों तय हो गया था, लेकिन जब लड़की के परिजन अपने रिश्तेदारों के साथ गांव आए और गांव के लिए कोई सड़क और बिजली न देख अपनी बेटी की शादी करने से मना कर दिया।
गांव निवासी चंद्रावती व ज्ञानवती ने बताया कि पिछले वर्ष ही बरसात के मौसम में एक रात प्रसूता दामिनी के पेट में अचानक दर्द उठा था। एंबुलेंस को बुलाया गया था। रास्ता न होने के कारण एंबुलेंस एक किलोमीटर दूर खड़ी हो गई थी। ऐसे में चारपाई पर गर्भवती दामिनी को लिटाकर एक किलोमीटर दूर गांव के बाहर लोग लेकर गए थे, तब जाकर दामिनी को सीएचसी एरवाकटरा में इलाज मिल सका था। ऐसा ही गांव निवासी जूली के साथ भी हो चुका है।
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चुनाव में होते वादे, जीतने पर मुंह फेर लेते
फोटो-15एयूआरपी 46- लज्जावती।
चुनाव के समय आने वाले सभी प्रत्याशी कुढ़री मजरे के वोटरों से उनके जीतने पर उनके गांव में पहला काम सड़क और बिजली पहुंचाने का वादा करके वोट ले लेते है और जीतने के बाद आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया। वर्षों से बिना बिजली व कच्ची रास्ते की समस्या से जूझना पड़ रहा है।- लज्जावती, निवासी कुढ़री

सुविधा न होने से नहीं हो रही शादी
फोटो-15एयूआरपी 47- राजेश्वरी।
गांव में कई युवाओं की शादियां बिजली न होने व सड़क के अभाव होने के चलते टूट चुकी हैं। कई युवाओं के रिश्ते इसी के चलते तय नहीं हो पा रहे हैं। पूरा मजरा विकास से वंचित है। 15 से 20 युवा वर्तमान में शादी टूटने की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं जिनकी शादी में फ्रिज, कूलर व टीवी मिलते हैं वे सभी बिजली के अभाव में शोपीस बने रहते हैं।
-राजेश्वरी, निवासी कुढ़री
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अधिकारी एक बार भी नहीं आए
फोटो-15एयूआरपी 48- सुरजीत।
सड़क व बिजली के साथ-साथ कई तरह की सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। चुनाव में नेताओं की दस्तक होती। सरकारी अधिकारी तो आज दिन तक गांव नहीं आए।
-सुरजीत, निवासी कुढ़री
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वर्जन
कुढरी गांव के लोगों की बिजली और सड़क की समस्याओं के लिए कई बार प्रशासन के अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया और शासन को भी पत्र लिखे गए, लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका है। जो रास्ता कच्चा है, उस पर एक बार पंचायत निधि से गिट्टी डलवाई गई थी। पीडब्ल्यूडी का रास्ता है। ऐसे में संबंधित विभाग को निर्माण कराना चाहिए।
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- अमर सिंह, प्रधान पति /प्रतिनिधि फैजुल्लापुर
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इस संबंध में सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मामला अभी प्रकाश में आया है। इसके लिए एक्सईएन दिबियापुर को संबंधित गांव व मजरे का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की हकीकत का पता करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि मानक के तहत वहां पर पोल व बिजली आदि की व्यवस्था नहीं है तो इसका जल्द से जल्द इंतजाम कराया जाएगा।
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