औरैया। शहर स्थित 50 शैया संयुक्त जिला अस्पताल में डॉक्टर ढूंढे नहीं मिलते हैं। डॉक्टर कब आएं और कब चले जाए किसी को पता नहीं रहता है। मंगलवार को ओपीडी से तीन डॉक्टर नदारद मिले। एक महिला डॉक्टर बिना बताए ही गायब रहीं। ओपीडी में 550 से अधिक मरीजों के पहुंचने पर पांच डॉक्टर ही इलाज करते नजर आए, इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
जिले में इन दिनों वायरल का प्रकोप अधिक है। लोग वायरल बुखार, खांसी-जुकाम, शरीर में कमजोरी, त्वचा रोग समेत अन्य संक्रामक व मच्छरजनित रोगों की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इस कारण मंगलवार को शहर में स्थित 50 शैया संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की काफी भीड़ हुई थी। अस्पताल में डॉ. सीमा गुप्ता, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. अवधेश कटियार व डॉ. रीवा नहीं मिलीं। जानकारी पर पता चला कि डॉ. सीमा व डॉ. अवधेश कोर्ट गए हैं, डॉ. अशोक छुट्टी पर हैं और डॉ. रीवा बिना किसी को जानकारी दिए ड्यूटी पर नहीं पहुंचीं।
ओपीडी में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार व फिजियोथेरपिस्ट टीपी मिश्रा खांसी, जुकाम, बुखार समेत अन्य मर्ज के मरीज देख रहे थे। जबकि महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू सचान, डॉ. नीलिमा थैगल व डॉ. कीर्ति ने महिला मरीजों को देखने के साथ ही मेडिकल परीक्षण भी कर रही थीं। वहीं, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. निधि गुप्ता ने दांत के व नेत्र प्रतिरक्षण अधिकारी नरेश राजपूत ने आंख के मरीज देखे। एक साथ चार डॉक्टरों के अस्पताल में नहीं रहने की वजह से सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता को भी मरीज देखने पड़े।
डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए नंबर आने का घंटों इंतजार करना पड़ा। सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने बताया कि डॉ. रीवा ड्यूटी पर क्यों नहीं पहुंचीं, इस संबंध में स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।
ओपीडी संचालित होने का समय सुबह आठ बजे से दो बजे तक है। मगर 50 शैया अस्पताल में 10 बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचते हैं। यह ढर्रा प्रतिदिन का हो गया है। इससे यहां पहुंचने वाले दूर दराज के मरीजों को सुबह परेशानी उठानी पड़ती है। मंगलवार को भी सुबह नौ बजे तक कई डॉक्टर नहीं पहुंचे। इसके बाद कुछ महिला चिकित्सक व कुछ स्टाफ पहुंचा। जिसके बाद पर्चे बनने शुरू हुए।