औरैया। शहर के 50 शैया युक्त जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक ओपीडी में समय से नहीं पहुंच रहे हैं। शनिवार को साढ़े नौ बजे तक सिर्फ तीन महिला डॉक्टर ही अस्पताल में नजर आईं। कई विशेषज्ञ चिकित्सक ओपीडी से नदारत मिले। इससे उल्टी, दस्त, बुखार से पीड़ित मरीज कराहते रहे। डेढ़ घंटे इंतजार करने पर मरीजों में आक्रोश दिखा। सीएमएस ने सीसीटीवी फुटेज देख देर से आने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई की बात कही है।
अस्पताल की ओपीडी चालू होने का समय सुबह आठ बजे निर्धारित है। सुबह नौ बजे तक काफी मरीज अस्पताल आ चुके थे। अस्पताल में डेंटल सर्जन डॉ. निधि गुप्ता इमरजेंसी में दिखीं। इसके अलावा महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू सचान व डॉ. कीर्ति एक कमरे में बैठी मिलीं। इधर, ओपीडी से हड्डी रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, बाल रोग, चेस्ट रोग विशेषज्ञ व अन्य स्टाफ नदारद था।
अस्पताल आए मरीज पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टरों को दिखाने के लिए परेशान नजर आए। कुछ मरीज दर्द और परेशानी से कराहते हुए कुर्सियों पर बैठकर इंतजार करते रहे। साढ़े नौ बजे के करीब कुछ चिकित्सक व स्टाफ पहुंचा। इस बीच सीएमएस डॉ. राजेश मोहन अपने आफिस में बैठे नजर आए। सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से डॉक्टरों के केबिन में पहुंचने के समय की जांच की जाएगी। देर से आने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जैतापुर निवासी सुनील दुबे सुबह नौ बजे रिश्तेदार को बीमारी की हालत में लेकर इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे। सुनील ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में मौजूद अस्पताल कर्मचारियों ने पांच नंबर कमरे में दिखाने के लिए कहा। आधा घंटा बीतने के बाद भी पांच नंबर कमरे में कोई डॉक्टर नहीं आया। इमरजेंसी में भी किसी ने नहीं देखा। फिर डॉक्टर आए तब उन्होंने देखकर दवाएं लिखीं।
रामगढ़ निवासी रघुनाथ सिंह सुबह सवा नौ बजे अस्पताल पहुंचे। बताया कि रामगढ़ औरैया से लगभग 28 किलोमीटर दूर है। आंखों में दिक्कत होने पर दिखाने आए थे। 20 मिनट से डॉक्टर के इंतजार में बैठे हैं। नेत्र चिकित्सक वाला कमरा खाली है।
छह नंबर कमरे में डॉक्टरों के न होने से खाली पड़ी कुर्सियां। संवाद- फोटो : AURAIYA
चार नंबर कमरे में मरीज को देखतीं महिला चिकित्सक। संवाद- फोटो : AURAIYA
डॉक्टरों के न होने पर केबिन के बाहर इंतजार करते मरीज। संवाद- फोटो : AURAIYA