ट्रैफिक पुलिस के साथ मौजूद दिव्यांग महाराज सिंह। संवाद
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औरैया। रोडवेज डिपो में हेराफेरी किए जाने का एक मामला शनिवार को फिर से सामने आया। चार दिन से औरैया डिपो में खराब खड़ी बस की एंड्राइड ई-टिकटिंग मशीन दूसरी बस में इस्तेमाल होते मिली। इसकी जानकारी तब हुई जब उस बस की चपेट में आने से दिव्यांग घायल हुआ और ट्रैफिक दरोगा ने टिकट से बस के नंबर का मिलान कराया।
इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी महाराज सिंह पैर से दिव्यांग है। वह किसी काम से शनिवार को इटावा से औरैया डिपो की रोडवेज बस में बैठकर औरैया आ रहे थे। परिचालक ने एंड्राइड ई-टिकटिंग मशीन से दिव्यांग का इटावा से औरैया तक का 86 रुपये का टिकट औरैया डिपो की रोडवेज बस के नाम से बनाकर दिया।
औरैया के खानपुर चौराहे के पास उतरते वक्त बस पैर में चढ़ गई और वह घायल हो गया। दिव्यांग ने चालक पर उतरते वक्त अचानक बस चलाने का आरोप लगाया है। वह चौराहे पर मौजूद ट्रैफिक दरोगा दिनेश सिंह व अन्य कर्मी की मदद से वह औरैया डिपो पहुंचा और मामले की शिकायत की।
जब उसने बस का टिकट दिखाया तो उस नंबर की रोडवेज बस करीब चार दिन से औरैया डिपो में खराब हालत में खड़ी होने की जानकारी फोरमैन ने दी। आरोप है कि डिपो के अधिकारियों ने मदद नहीं की, पुलिस कर्मियों ने उसे संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
एआरएम आरएस चौधरी ने बताया कि खानपुर चौराहे पर बस खराब होने के कारण कुछ सवारियां शिफ्ट की गई थीं. इसी कारण बस की मशीन परिचालक के पास थी।
क्षेत्रीय प्रबंधक इटावा बीपी अग्रवाल ने कहा कि मशीन के पोर्टल पर बस का नंबर नहीं चढ़ा होने की वजह से औरैया डिपो में खड़ी बस का नंबर ही पड़ा रहा। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी।-