दिबियापुर। नगर पंचायत के निवर्तमान चेयरमैन अरविंद पोरवाल ने 33 वर्ष बाद भाजपा छोड़कर बसपा का दामन थाम लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जीतने के बावजूद पूरे पांच वर्ष तक कुछ विशेष लोगों के दबाव में उन्हें प्रताड़ित किया जाता रहा।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में अरविंद पोरवाल ने कहा कि उन्होंने पिछला चुनाव भाजपा से लड़ा और जीता था। उवह भाजपा के कैडर के कार्यकर्ता रहे, वर्ष 1990 में प्रशिक्षण प्राप्त किया। संगठन के लिए संघर्ष किया, लेकिन सत्ता में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व कुछ लोगों के आगे घुटने टेकता रहा। भाजपा से चेयरमैन बनने के बाद भी उन्हें प्रताड़ित किया गया, उनपर मुकदमे लगवाए गए। वह बाबा साहब की समता मूलक समाज की अवधारणा का पालन करते हैं। कुछ लोगों के दबाव में ही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने दिबियापुर नगर पंचायत के सीमा विस्तार के प्रस्ताव को रुकवा दिया। विकास के कार्यों को रुकवाया। कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में प्रदेश की कानून व्यवस्था अच्छी थी। इसी के चलते उन्होंने बसपा का दामन थाम लिया है। बसपा जिलाध्यक्ष कमल कुमार गौतम ने बताया कि मुख्य जोन कोआर्डीनेटर के समक्ष अरविंद पोरवाल ने पार्टी की सदस्यता ली है।