औरैया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी न होने का फायदा ढाबा व होटल संचालक उठा रहे हैं। हाईवे किनारे अधिकांश ढाबे बार की संचालित हो रहे है। शाम ढलते ही यहां महफिलें सजना शुरू हो जाता है जो देर रात तक देखने को मिलती है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर शहर के आसपास 10 से अधिक होटल और ढाबा संचालित हो रहे हैं। इटावा रोड पर मंडी समिति से चिरुहूली के बीच ढाबों की संख्या अधिक है। यात्रियों की सुविधाओं के लिए खोले गए इन ढाबों में शौकीनों के लिए पूरा इंतजाम किया जा रहा है। इसके चलते सूरज ढ़लते ही यहां शौकीनों की भीड़ जुटना शुरू हो जाती है।
आलम यह है कि शौकीनों को केबिन जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जा रहीं है। सूत्र बताते है कि इसके एवज में ढाबा संचालक जिम्मेदारों को चढ़ावा भी चढ़ाते है। इसके चलते उनके यहां न तो चेकिंग होती है और न ही औचक निरीक्षण किया जाता है। यही कारण है कि शाम ढलते ही देर रात तक यहां शौकीन की भीड़ देखने को मिलती है।
सूत्रों की मानें तो कुछ ढाबों पर मादक पदार्थ भी लोगों को उपलब्ध कराए जा रहे है। इसकी वजह से आम राहगीरों और परिवार के साथ यहां बैठना मुश्किल हो गया है। शहर क्षेत्र के अधिकांश युवा शौक पूरा करने के लिए ढाबों की ओर रुख करने लगे है। नशे की हालत में अक्सर लड़ाई-झगड़े भी होते है। सिपाही पहुंचते है लेकिन मामला शांत करा दिया जाता है।
मामला - एक
लगभग एक माह पहले इटावा रोड पर एक होटल के बाहर शराब के नशे में युवाओं के दो गुटे के बीच विवाद हुआ था। ढाबा संचालक ने जब एक पक्ष के युवाओं को जाने को कहा तो युवाओं ने ढाबा संचालक को शराब बेचने में पकड़ाने की धमकी देकर चलता कर दिया था। हालांकि उस दौरान पुलिस पहुंची थी, लेकिन मामला शांत करा दिया गया था।
मामला - दो
इटावा से औरैया की ओर आते समय रौतियापुर व चिरूहूली के बीच समीप हाईवे पर पड़ने वाले एक ढाबा पर संचालक और युवाओं के बीच झगड़ा हुआ था। मामला अधिक तूल पकड़ गया था। शहर से कई युवा भी ढाबे पर पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस पहुंचने पर किसी तरह समझौते पर मामला शांत हुआ। मालूम हुआ कि खाने के बिल में अंतर आने पर विवाद हो गया था।
ढाबों पर आबकारी विभाग लगातार सतर्कता बरता रहता है। फिर भी यदि कहीं कुछ ऐसा है तो इसके लिए निरीक्षकों को आगाह किया जा रहा है। जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेंद्र कुमार जिला आबकारी अधिकारी।