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Auraiya News: नाले में पड़ा मिला आउट सोर्सिंग कर्मचारी का शव

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अजीतमल। बाबरपुर कस्बे के शास्त्री नगर मोहल्ले में रविवार देर रात एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी को नाले में बेहोशी की हालत में पड़ा देखा। परिजनों ने युवक को सीएचसी अजीतमल पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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बाबरपुर देहात गांव के फफूंद रोड निवासी शिवराम सविता का बेटा अर्जुन सिंह (30) नगर पंचायत बाबरपुर अजीतमल में बतौर आउट सोर्सिंग कर्मचारी है। वह नगर पंचायत में आउट सोर्सिंग लाइन मैन अमित के साथ हेल्पर लाइन मैन का काम करता था। रविवार की देर रात लगभग साढ़े 10 बजे लोगाें ने अर्जुन को बाबरपुर कस्बे के मुहल्ला शास्त्री नगर की एक गली में बिजली पोल के पास नाले में बेहोशी की हालत में पड़ा देखा।
इस पर लोगों ने उसके परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजन उसे लेकर सीएचसी अजीतमल लेकर पहुंचे। जहां डाॅक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत की सूचना पर पत्नी प्रिया, पिता शिवराम, मां कृष्णा देवी, बड़े भाई अभिलाख सिंह, प्रह्लाद सिंह, छोटे भाई करन सिंह, मंगल सिंह, अजय कुमार का रो-रोकर बुरा हाल था।
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वहीं लोगों ने मृतक के परिवारीजनों को जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह ने बताया कि मृतक के पिता शिवराम की ओर से दी गई सूचना के तहत उनका पुत्र स्ट्रीट लाइट संभालने के दौरान पोल से गिर गया था। इससे उसकी मौत हो गई। बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। वहीं मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार अशोक कुमार अहिरवार ने बताया कि लेखपाल को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। पारिवारिक कल्याण लाभ के अलावा शासन की ओर से मिलने वाली हर संभव आर्थिक मदद दिलवाए जाने की कोशिश की जाएगी।


12 जनवरी को हुई थी शादी

हादसे में काल के गाल में समाए अर्जुन की शादी 12 जनवरी 2024 को इटावा जनपद के इकदिल थानांतर्गत नरैनी गांव निवासी गिरजाशंकर की पुत्री प्रिया के साथ हुई थी। रविवार को घटना से पहले मृतक घर पर वह पत्नी से किसी काम की कहते हुए शीघ्र वापिस आने की बात कहकर निकला था।
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सवाल, आखिर किसके कहने पर स्ट्रीट लाइट संभालने गया था अर्जुन
चर्चा है कि अर्जुन स्ट्रीट लाइट संभालने गया था। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर किसके कहने पर वह स्ट्रीट लाइन सही करने गया था। इस बीच न तो शटडाउन ही लिया गया था और न ही खोले जाने जैसी कोई बात हुई थी। आखिर अर्जुन की मौत कैसे हुई यह एक सवाल बना हुआ है। इसका जवाब न तो परिजनों के पास है और न ही पुलिस के पास।
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