शनिवार की रात कस्बे के हाईवे पर रोडवेज बस से उतरने के बाद वाहन का इंतजार कर रहे विकलांग अधेड़ को बेकाबू ट्रैक्टर ने रौंद दिया। अधेड़ की मौके पर ही मौत हो गई। कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। सूचना पर परिजन भी पहुंच गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जालौन जिले के कुठौंद थाना के गांव बिचौली निवासी सुरेश सिंह (50) पुत्र हाकिम सिंह औरैया से गल्ला बेचकर अजीतमल कस्बे के मोहल्ला अंबेडकर नगर में अपनी ससुराल जा रहा था। शनिवार की रात करीब दस बजे रोडवेज के परिचालक ने विकलांग को बिजली घर के पास हाईवे पर उतार दिया। बस से उतरने के बाद विकलांग लाठी के सहारे हाईवे पार कर कस्बे को जोड़ने वाली सड़क के किनारे अजीतमल कस्बा जाने के लिए वाहन का इंतजार करने लगा।
तभी इटावा की तरफ से तेज गति से आ रहे बेकाबू ट्रैक्टर ने विकलांग को रौंद दिया। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर लेकर भाग गया। विकलांग की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कोतवाली ले आई। मृतक की जेब में मिले विकलांग प्रमाण पत्र के आधार पर कोतवाली पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के साले गुरुविंद सिंह पुत्र शिवनाथ सिंह निवासी अंबेडकर नगर अजीतमल ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रोडवेज चालकों की मनमानी उजागर हुई
कस्बे में बस स्टैंड होने के बाद भी रोडवेज की बसें कस्बा से होकर नहीं जाती हैं। यह सवारियों को हाईवे पर ही उतार देती हैं। महिलाओं को भी रात में हाईवे पर उतार दिया जाता है। इससे कई बार महिलाएं छेड़खानी और लूट का शिकार हो चुकी हैं। विकलांग सुरेश को परिचालक हाईवे पर नहीं उतारता तो उसकी जान बच सकती थी। जिला विकलांग बंधु कमेटी के तहसील अध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव ने घटना की निंदा की है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से मांग की है बस स्टैंड पर ही सवारियों को उतारा जाए।