अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में आठ वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म कर हत्या किए जाने की आक्रोशित ग्रामीणों ने इटावा-कानपुर हाइवे जाम कर दिया। बाद में ग्रामीणों ने एक रोडवेज बस में आग लगा दी। मामले की गंभीरता को देखते एएसपी ने मौके पर कई थानों का फोर्स तैनात कर दिया।
कोतवाली का घेराव करने के बाद ग्रामीणों ने पहले कस्बे में जाम लगा दिया। उच्चाधिकारियों के मौके पर न आते देख आक्रोशित ग्रामीण शव कोतवाली परिसर से उठा ले गए। इसके बाद कानपुर-इटावा हाइवे पर शव रख जाम लगा दिया। हाइवे पर जाम लगने की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक विपुल कुमार श्रीवास्तव, पूर्व विधायक लखना भीमराव अंबेडकर, एसडीएम सदर जितेंद्र श्रीवास्तव समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
पुलिस व प्रशासन ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। ग्रामीण डीएम को मौके पर बुलाए जाने की जिद पर अड़े रहे। लगभग दो घंटे तक हाइवे जाम रहने के बाद पुलिस प्रशासन कुछ समझ पाता, इससे पहले आक्रोशित भीड़ ने अपना आपा खो दिया। भीड़ ने देर रात औरैया डिपो की रोडवेज बस रोक ली। चालक अमर सिंह की जमकर पिटाई कर दी। मारपीट होते देख सवारियां बस से कूद कर भाग निकली। इधर भीड़ ने बस में आग लगा दी।
इससे माहौल खराब हो गया। भीड़ को बेकाबू देख पुलिस ने लाठियां भी फटकारी। देर रात तक हाइवे पर आक्रोशित लोगों ने कब्जा जमाए रखा। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ लोगों ने अराजकता फैलाने का प्रयास किया है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, आक्रोशित ग्रामीणों को समझाया जा रहा है।
पहुंच जाते अधिकारी तो न होता बवाल
औरैया। आठ वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दिए जाने की वारदात के बाद भी उच्चाधिकारियों को घटनास्थल पर न पहुंचना बवाल बढ़ने का मुख्य कारण बना है। ग्रामीणों की मांग पर अगर डीएम व एसपी मौके पर पहुंच जाते तो शायद एक बार स्थिति नियंत्रण में हो जाती।
आश्वासन पर भड़की भीड़
औरैया। डीएम व एसपी के मौके पर न आते देख जब मौजूद उच्चाधिकारियों ने ग्रामीणों को जल्द घटना का खुलासा किए जाने का आश्वासन दिया तो भीड़ और उग्र हो गई और पुलिस व जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगी।
आग लगी देख सवारियों में मचा कोहराम
औरैया। औरैया रोडवेज बस के चालक अमर सिंह ने बताया कि सामने भीड़ को देख उन्होंने बस रोक दी। भीड़ से हाथ जोड़ने के बाद भी जब वह नहीं माने और गाड़ी के शीशे तोड़ने लगे तो उसने 100 नंबर पर सूचना दी थी। इधर भीड़ का गुस्सा देख बस में सवार 14 सवारियां सामान छोड़कर भाग निकली। आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।