रेलवे स्टेशल पर पड़ी मिली 7 दिन की नवजात
सौ शैय्या अस्पताल के जिम्मेदारों ने हद कर दी। पहले गर्भवती का अल्ट्रासाउंड नहीं किया। बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए एंबुलेंस मुहैया नहीं कराई। इनसे इतना भी नहीं बना कि मृत बच्चे को तसल्ली के लिए मां को ही दिखा देते।
पिता को मलाल है कि बच्चे के अंतिम संस्कार करने का भी मौका नहीं दिया। पिता को आशंका है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने नवजात के शव को अस्पताल के बाहर फेंक दिया। कर्मचारी बिना अपना नाम उजागर किए इस आशंका को पुष्ट भी करते हैं। कर्मचारियों में नवजात के शव को कुत्तों के खाने की चर्चाएं हैं।
मामला सोमवार का है। नौली में रहने वाले श्याम प्रकाश पत्नी सीतू को प्रसव के लिए सौ बेड अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां अल्ट्रासाउंड ठप था। एएनएम ने बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। श्याम प्रकाश पत्नी को गोद में लेकर एंबुलेंस के लिए भटकते रहे। बाद में कड़ी धूप में ऑटो से दस किलोमीटर दूर अल्ट्रासाउंड कराने गए।
वापस आने पर सीतू ने बच्चे को जन्म दिया। बच्चे की मौत हो गई थी। अमर उजाला के मुद्दा बनाने के बाद इस मामले की जांच की जा रही है।
गुरुवार को श्याम प्रकाश ने डीएम से अस्पताल प्रशासन की बच्चे को न दिखाने की शिकायत की। श्याम प्रकाश के मुताबिक मृत बच्चा पैदा होने की जानकारी ही दी गई। बच्चे का शव नहीं दिखाया गया।
सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने के बाद घर भेज दिया गया। श्याम प्रकाश ने बताया कि अस्पताल के बाहर नवजात के शव को कुत्तों के खाने की जानकारी हुई थी। शक है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने बच्चे के शव का अंतिम संस्कार करने के बजाय फेेंक दिया। उसे कुत्ते खा गए हैं।