अमर उजाला ब्यूरो
कंचौसी (औरैया)। कंचौसी रेलवे स्टेशन के गेट नंबर छह को खुला छोड़कर गायब हुआ गेटमैन सोमवार की सुबह लौट आया। उसने अफसरों से तीन हथियारबंद लोगों के द्वारा मुंह में कपड़ा ठूंसकर अगवा कर ले जाने और नाले में डालने का खुलासा किया। रेलवे प्रशासन ने इस प्रकरण में जांच पूरी होने तक उसे ड्यूटी पर न आने की हिदायत दी है।
बता दें कि रविवार की शाम 7:15 बजे कंचौसी रेलवे स्टेशन के गेट नंबर छह के खुला होने व गेटमैन सुघर सिंह केे गायब होने से शताब्दी, गोमती, विक्रमशिला व बीकानेर एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें ट्रैक पर एक के पीछे एक खड़ी हो गई थीं। इस घटना से इलाहाबाद से लेकर टूंडला तक रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। बाद में वहां खड़ी दो ट्रेनों के ड्राइवरों ने गेट के पास लगी चेन खींचकर सड़क वाहनों का आवागमन रोका और करीब 40 मिनट बाद ट्रेनों का संचालन सुचारु हो सका। इस दौरान दिन में ड्यूटी करने वाले गेटमैन सुनील को बुला लिया गया था, जिसने जिम्मेदारी संभाली।
रविवार की सुबह गेटमैन सुघर सिंह कुछ लोगों के साथ गेट नंबर छह के रूम पर पहुंचा और फोन से रेलवे के उच्चाधिकारियों को खुद के अगवा होने की बात बताई। उसने बताया कि शाम को ड्यूटी के दौरान लगभग सात बजे हथियारों से लैस तीन अज्ञात लोग पैदल उसके पास पहुंचे और मुंह में कपड़ा ठूंस अगवा कर ले गए। बदमाशों ने गेट से तीन सौ मीटर दूर स्थित एक नाले में बांधकर डाल दिया था। जाते समय उक्त तीनों हथियारबंद युवकों ने उसकी बाइक नाले से थोड़ी दूर फेंक दी। उसका मोबाइल व जेब में पड़े पांच सौ रुपये भी लूट लिए। वह पूरी रात बरसते पानी में नाले में पड़ा-पड़ा भींगता रहा। सुबह जब ग्राम सूखमपुर की मडै़यां निवासी राकेश पुत्र मिट्ठू लाल ने शौच के लिए जाते समय उसे नाले में पड़े देखा तो ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला और अपने साथ गेट पर ले आए। ग्रामीणों के मुताबिक पूरी रात भीगने के कारण सुघर सिंह कांप रहा था। उसे आग के पास बिठाकर गर्माहट दी। रेलवे पथ निरीक्षक फफूंद राजेंद्र सिंह ने गेटमैन के खिलाफ दिबियापुर थाने में तहरीर दी है। उधर गेटमैन ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
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नहीं पहुंचे आरपीएफ और रेलवे अधिकारी
कंचौसी। रविवार शाम सवा सात बजे हुई इस घटना के बाद मौके पर पहुंचे दूसरे गेटमैन सुनील ने लगभग 8 बजे आरपीएफ व रेलवे अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया था। सुनील ने बताया कि सूचना के बावजूद न तो आरपीएफ और न ही कोई रेल अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार---
स्टेशन मास्टर कंचौसी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने रेलवे पुलिस कंपनी कमांड फफूंद, रेलवे पथ निरीक्षक फफूंद और ट्रैक संचालन टूंडला-कानपुर-इलाहाबाद को पूरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया था। वह अभी तक क्यों नहीं पहुंचे, इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते। बताया कि गेट पर डयूटी कर रहे सुनील व रात दस बजे काम पर पहुंचे महेश पाल को एक घंटा पहले गायब गेट मैन सुघर लाल की तलाश को भेजा था। गेट से थोड़ी ही दूर नाले में पड़ा सुघर लाल इन्हें क्यों नहीं दिखाई दिया। यह समझ में नहीं आ रहा है।
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ससुराल तो नहीं चला गया था गेटमैन!
कंचौसी। गेट मैन के ड्यूटी से गायब होने के बाद उसकी ओर से सुनाई जा रही कहानी किसी को हजम नहीं हो रही है। कुछ लोगों की ओर से की जा रही चर्चा में गेट से गायब सुघर लाल की ससुराल ड्यूटी स्थल से महज एक किलोमीटर दूर ग्राम सूखमपुर की मड़ैया में है। कहीं गेटमैन किसी और को जिम्मेदारी सौंपकर अपनी ससुराल तो नहीं चला गया था।
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पिता के वीआरएस लेने पर मिली थी नौकरी
कंचौसी। गेटमैन सुघर के पिता भी गेटमैन के पद पर थे। चार साल पहले सरकार की ओर से बनाए गए नियम के तहत उन्होंने वीआरएस ले लिया था। उनके स्थान पर पुत्र को नौकरी मिल गई थी। पूरे घटनाक्रम की जानकारी के बाद भी रेलवे विभाग का कोई भी अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। अधिकारियों का सिर्फ यह ही कहना है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच टीम हकीकत पता करेगी। जांच पूरी होने तक गेटमैन सुघर लाल को डयूटी पर आने से रोक दिया गया है। सबसे खास बात यह कि कल ही डीआरएम इलाहाबाद का स्पेशल ट्रेन से मुआयना हुआ था। ऐसे में कुछ ही घंटों बाद इस तरह की लापरवाही होना अधिकारियों के गले की फांस बना हुआ है।