गांव खानपुर में 23 मार्च को एक युवती की मौत के बाद पिता और सौतेली मां ने शव बिना किसी को सूचना दिए श्मशान घाट में पहने हुए कपड़ों समेत एक बेडशीट में लपेटकर दफना दिया और फरार हो गए। मृतका के मामा ने हत्या की आशंका जताते हुए कब्र से शव निकलवाने के लिए डीएम से गुहार लगाई थी। इस पर जिलाधिकारी के आदेश पर नायब तहसीलदार की मौजूदगी में श्मशान घाट से शव को कब्र खुदवाकर बाहर निकाला और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना क्षेत्र के गांव खानपुर (फफूंद) में किराये के मकान में रह रहे राजमिस्त्री मुन्ना खान की पहली पत्नी की 20 वर्षीय पुत्री रोशनी की 23 मार्च की दोपहर संदिग्ध हालात में मौत हो गयी थी। मुन्ना व उसकी दूसरी पत्नी पप्पी ने मृतका के ननिहाल पक्ष व भाई-बहनों को बिना कोई सूचना दिए रोशनी के शव को अंधेरा होते ही आननफानन में गांव के बाहर गिहार समाज के श्मशान घाट पर गड्ढा खोदकर शव को कपड़े समेत एक चादर में लपेट कर दफना दिया और भाग निकले।
दूसरे दिन रोशनी की मौत की खबर जब उसके भाई, बहनों और ननिहाल पक्ष के लोगों को हुई तो वे लोग खानपुर पहुंचे। गांव में हत्या करके शव दफनाए जाने की सुगबुगाहट से मामा हाजी हनीफ निवासी खानपुर ने 25 मार्च को फफूंद पुलिस से रोशनी की हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए शव का पोस्टमार्टम कराए जाने का प्रार्थनापत्र दिया था। इस पर जिलाधिकारी अभिषेक सिंह मीणा के आदेश पर बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे औरैया के नायब तहसीलदार प्रेमचंद्र पांडेय की मौजूदगी में पुलिस ने कब्र खुदवाकर युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस संबंध में थानाध्यक्ष सुदीप मिश्रा का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
फफूंद (औरैया)। रोशनी मां नरगिस की कई साल पहले मौत होने के बाद नाना के साथ बांगरमऊ में रहती थी। डेढ़ साल पहले उसकी बड़ी बहन चांदनी उसे अपने साथ ससुराल इटावा ले गई। तब से वह वहीं रह रही थी। बहन व बहनोई परवेज उसकी शादी कराने की कोशिश में थे और रिश्ता भी ढूंढा जा चुका था। लगभग तीन महीने पूर्व पिता मुन्ना खां चांदनी के यहां गया था और कुछ दिन अपने घर खानपुर में रोशनी को रखने की बात कहकर खानपुर फफूंद ले आया था। जहां 23 मार्च को उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।
रोशनी की संदिग्ध हालात में मौत को लेकर 18 वर्षीय भाई शाहनवाज व बड़े बहनोई परवेज ने बताया कि खबर पाकर वे लोग रिश्तेदारों के साथ 24 मार्च को खानपुर गांव पहुंचे तो वहां मुन्ना घर पर ही था। जब उससे जानकारी की तो वह गोलमोल जवाब देने लगा। मुन्ना की दूसरी पत्नी पप्पी गायब थी। मृतका की कब्र देखने के बाद जब उन लोगों ने थाने जाने की बात कही तो मुन्ना, पप्पी और पप्पी की मौसी, जो पास के ही गांव सरैयां में रहती है, घरों पर ताला डालकर फरार हो गए। इन लोगों ने यह भी बताया कि रोशनी निहायत सीधी थी। गैस चूल्हा, सिलिंडर व बिजली के स्विच को भी हाथ लगाने से डरने के साथ ही अंधेरे से भी बेहद डरती थी। ऐसी क्या घटना हो गई थी कि मुन्ना व पप्पी ने आननफानन शव को खानपुर गांव के कब्रिस्तान में न दफनाकर बिना किसी क्रियाकर्म किए बिना कफन उसके पहने हुए कपड़ों समेत एक बेडशीट के हिस्से पर गांठ लगाकर गांव के बाहर गिहार समाज के श्मशान में बिना कब्र खोदे एक छह फुट लंबा व दो फुट चौड़ा कब्रनुमा गड्ढा खोदकर ऊपर से पटरे लगाए, बिना मिट्टी में शव दबा दिया।
फफूंद (औरैया)। परवेज ने बताया कि रोशनी की बड़ी बहन चांदनी उसकी पत्नी है। छोटी गुलफसा की शादी फिरोजाबाद में हुई है। रोशनी सबसे छोटी थी उससे छोटे दो भाई शाहनवाज 18 वर्ष व जुबैर 16 वर्ष हैं। इनकी मां नरगिस का लगभग 15 वर्ष पहले देहांत हो जाने के बाद पिता मुन्ना ने औरैया के खानपुर कस्बे ही रह रही पप्पी को अपने साथ रख लिया और फफूंद के गांव खानपुर रहने लगा। इससे मुन्ना के एक आठ वर्षीय पुत्री भी है।