बिधूना (औरैया)। कोतवाली क्षेत्र के कुदरकोट में स्थित भयानक नाथ मंदिर में 14 अगस्त की रात दोहरे हत्याकांड के नौ आरोपी पुलिस के लिए चुनौती बने हैं। पुलिस की चार टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए औरैया समेत आसपास के जनपदों पर छापामार कार्रवाई कर रही है, लेकिन हाथ कुछ नहीं लग रहा है।
बताते चलें कि मंदिर में साधु लज्जाराम और हरभजन की हत्या कर दी गई थी। तीसरे साधु रामशरण का सैफई में इलाज चल रहा है। इस कांड में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला गोकशी के विरोध का निकला था। नौ आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। दस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
हत्याकांड के बाद से कुदरकोट में पीएसी और पुलिस का सख्त पहरा है। दिन में कई बार गश्त होती है। गश्त में क्षेत्राधिकारी भास्कर वर्मा, कोतवाली प्रभारी आलोक कुमार दुबे भी शामिल होते हैं। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर कुदरकोट में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
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सवालों के घेरे में एक नेता
बिधूना (औरैया)। कुदरकोट में हत्याकांड को लेकर कुछ सवाल लोगों के जेहन में लगातार कौंध रहे हैं। आखिर इतने बड़े पैमाने में हो रहे गोवध को पुलिस अब तक नजरअंदाज क्यों किए रही। हत्याकांड से पहले गोवध के आरोप में पुलिस ने कुछ लोगों को पकड़ा था। इन आरोपियों को छोड़ने के लिए एक नेता का फोन आया था। लोगों का कहना है कि नेता की कॉल डिटेल खंगाली जाए तो महत्वपूर्ण बिंदु सामने आ सकते हैं।