क्षेत्र के बल्लापुर गांव में मां की डांट से क्षुब्ध दस साल के किशोर ने फांसी लगाकर जान दे दी। मां ने कमरे में बेटे को फांसी पर लटका देखा तो कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं त्योहार के दिन इकलौते बेटे की मौत से घर में मातम छाया हुआ है।
बल्लापुर गांव में रोहणी पत्नी राजनरायन निवासी जवाहर कालोनी फरीदाबाद ,हरियाणा अपने पिता गोविंद नरायन पांडेय के यहां अपने इकलौते बेटे मनु के साथ रहती हैं। रोहणी अजीतमल ग्लोबल स्कूल में शिक्षिका हैं। गुरुवार को इनका दस साल का इकलौता बेटा मनु घर के बाहर लगे पेड़ से झूला उतार रहा था। इस पर मां ने मना किया कि आज त्योहार है। त्योहार पर झूला नहीं उतारा जाता है। इस पर मनु बहस करने लगा। रोहणी ने उसे डांट दिया। डांट से क्षुब्ध मनु कमरे में झूले वाली रस्सी से फंदा बनाकर पंखे से लटक गया।
बेटे के काफी देर तक कमरे से बाहर न आने पर मां कमरे में गईं। बेटे का शव फंदे से झूलता देख वह चीख पड़ीं। इस पर परिजन और ग्रामीण इकट्ठे हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फांसी के फंदे से उतारा। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इकलौते बेटे की मौत से मां का रो रोकर बुरा हाल था। जन्माष्टमी के त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं। दस साल के बच्चे के ऐसे कदम को लेकर हर कोई हतप्रभ था।