पथराव के बाद सबस्टेशन गेट पर पड़े पत्थर
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रविवार की पूरी रात बिजली न मिलने से खफा ग्रामीणों ने सोमवार को देवकली स्थित 132 केवीए के सबस्टेशन पर पथराव और तोड़-फोड़ किया। सबस्टेशन पर तैनात गार्ड की सूझबूझ से आक्रोशित भीड़ सबस्टेशन को नुकसान नहीं पहुंचा पाई। पथराव के बाद ग्रामीणों ने देवकली और जालौन मार्ग पर आधे घंटे तक जाम लगाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम लगा रहे ग्रामीणों को लाठी पटक कर खदेड़ा।
भीषण गर्मी के दौरान रात भर बिजली न मिलने से खफा खानपुर के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। खानपुर वासियों ने बिजली न मिलने का गुस्सा देवकली स्थित 132 केवीए के सबस्टेशन पर पथराव करके उतारा। रविवार रात गर्मी और अंधेरे में कटने से गुस्साए खानपुर के ग्रामीणों ने सोमवार सुबह देवकली सबस्टेशन पर धावा बोल दिया। एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों ने बिजली न मिलने से खफा होकर देवकली सबस्टेशन पर पथराव कर दिया। पथराव होते ही सबस्टेशन के गार्ड ने दरवाजा बंद कर दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने पथराव करते हुए देवकली मार्ग पर जाम लगा दिया।
सबस्टेशन पर पथराव की सूचना जेई सुरेंद्र ने आला अधिकारियाें को दी। पथराव की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी सबस्टेशन पर पहुंच गए। शहर कोतवाल व सीओ सदर के समझाने पर भी ग्रामीणों ने एक न सुनी व जालौन मार्ग पर जाम लगा दिया। काफी देर मान मौनव्वल के बाद भी मानने पर पुलिस को लाठियां पटक कर ग्रामीणों को खदेड़ना पड़ा। वहीं जेई सुरेंद्र ने बताया कि देवकली सबस्टेशन से खानपुर गांव में आपूर्ति लाइन न होने के बावजूद ग्रामीणों ने पथराव किया है। उन्होंने बताया कि उपद्रव की तहरीर कोतवाली में दी गई है। एसओ नन्हें लाल यादव ने बताया कि देवकली सबस्टेशन पर पथराव करने के मामले में बिजली विभाग के अधिकारियों की ओर से अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ तहरीर दी गई है। जाम लगाने व पथराव करने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है।
पूरी रात अंधेरे में रहा शहर
औरैया। रविवार की देर शाम दिबियापुर क्षेत्र में आई आंधी के कारण असेनी से औरैया तक आई 33 हजार केवीए की लाइन तिवारियनपुर्वा के पास इसुंलेटर से उतरकर जमीन गिर पड़ा। जिससे पूरी रात शहरक की विद्युत आपूर्ती ठप रही। सुबह लोगों को पानी की किल्लत से भी जूझना पड़ा। आंधी में तार टूटने से एक नंबर फीडर की बिजली आपूर्ति 30 घंटे ठप रही। जबकि शहर की आपूर्ति 18 घंटे बाधित रही। वहीं पालिका प्रशासन के पास बिजली आपूर्ति ठप होने के दौरान पानी की टंकियों को भरने के लिए कोई दूसरा विकल्प न होने से लोगो को पानी संकट से जूझना पड़ा।