अजीतमल कोतवाली क्षेत्र से मादक पदार्थों की तस्करी में गिरफ्तार आरोपी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 14 साल की सजा व दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा से बौखलाए अपराधी ने कोर्ट में अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता को जेल से छूटने पर गोली से उड़ाने की धमकी दी। न्यायालय के लिए भी अपशब्दों का प्रयोग किया। इससे नाराज वकीलाें ने अपराधी की कोर्ट परिसर में जमकर पिटाई की।
अभियोजन के अनुसार 31 अगस्त 2015 को अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लालपुरा के पास एक स्लेटी कलर की स्कोडा कार कुत्ते से टकराकर कीचड़ में फंस गई थी। कार में पड़े कुछ पैकेट से गांजे की गंध आ रही थी। अजीतमल कोतवाली प्रभारी अजय कुमार पाठक ने यह सूचना अधीक्षक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो लखनऊ को दी। जिस पर एक टीम ने लखनऊ से आकर गाड़ी को घेर लिया। गाड़ी में 151 पैकेट गांजा के मिले।
पुलिस ने कार चालक सत्येंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस धंधे में शामिल अन्य अपराधियों को नहीं पकड़ सकी। वहीं गिरफ्तार सत्येंद्र सिंह पुत्र ज्ञान सिंह निवासी डी 25 विकास कुंज थाना लोनी जिला गाजियाबाद के खिलाफ मामला एडीजे कोर्ट औरैया में चला। सोमवार को एडीजे लल्लू सिंह ने अभियुक्त सत्येंद्र को 14 साल के कठोर कारावास व दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा दी। पेशकार जंग बहादुर सिंह के अनुसार अर्थदंड अदा न करने पर दो साल का अतिरिक्त साधारण कारावास का आदेश हुआ है।
सजा सुनकर आपा खोया
औरैया। वरिष्ठ अधिवक्ता महावीर शर्मा ने बताया कि जब न्यायालय की ओर से दंड के आधार पर डिक्टेशन देना शुरू किया तभी सत्येंद्र बिगड़ने लगा। वह अधिवक्ता प्रमोद तिवारी को मारने के लिए लपका। इसके बाद कटघरे में खड़े सत्येंद्र ने बोला कि मैं जेल से छूटूंगा तो सरकारी वकील प्रमोद को गोली मार दूंगा। जब एडीजे ने रोका तो वह अपशब्दों का प्रयोग करते हुए बोला कि मुझे चाहे फांसी पर चढ़ा दो लेकिन मैं वकील को नहीं छोडूंगा, गोली मार दूंगा। अधिवक्ता महावीर शर्मा के अनुसार एडीजे लल्लू सिंह ने कोर्ट परिसर में कैदी सत्येंद्र के आचरण का पूरा ब्यौरा निर्णय कापी में लिखा है। उसे जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।