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ठेकेदारी में बचत के रुपये मांगने पर हुई हत्या

Tue, 13 Sep 2016 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /औरैया
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murder - फोटो : rajeev gupta/ amarujala
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 मिट्टी ठेकेदार प्रशांत की सात सितंबर की रात हुई हत्या में एक और हत्यारोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया है। पुलिस का दावा है कि हत्यारोपी से  पूछताछ में उसने मारपीट के बाद ट्रैक्टर की टक्कर से हत्या करने की बात कबूल की है। आरोपी ने स्वीकार किया है कि रुपये मांगने के दौरान बेइज्जती करने पर उन्होंने  हत्या की वारदात अंजाम दी।
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मिट्टी ठेकेदार प्रशांत उर्फ शेर सिंह निवासी केबिन की मढ़ैया का शव सात सितंबर को टूटी चारपाई पर औरैया कन्नौज मार्ग पर निर्माणाधीन सीसी रोड पर बरामद हुआ था। इस मामले में भाई मनोज ने बादशाहपुर छौंक निवासी रुचित पुत्र सुनील सिंह, अरविंद कुमार पुत्र भारत सिंह, अजमतपुर निवासी अरुण कुमार व उमेश कुमार पुत्रगण रामकेश यादव पर प्रशांत को घर से ले जाकर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मनोज ने आरोप लगाया था कि भाई प्रशांत की पीट कर हत्या कर दी गई। बाद में एक्सीडेंट का रूप देने के लिए सड़क पर चारपाई डालकर उसके ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया गया। इस प्रकरण में पुलिस ने 10 सितंबर को एक हत्यारोपी अरविंद कुमार पुत्र भारत सिंह निवासी बादशाहपुर छौंक को गिरफ्तार किया था।

सोमवार को एक और हत्यारोपी रुचित पुत्र सुनील सिंह निवासी बादशाहपुर छौंक को पुलिस ने सहायल रोड से गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक आदित्य प्रकाश यादव एवं एसएसआई विनोद कुमार मिश्रा के अनुसार रुचित ने साथियों के साथ मिलकर प्रशांत की हत्या की बात स्वीकार की है। प्रभारी निरीक्षक आदित्य प्रकाश के मुताबिक रुचित ने पूछताछ में बताया कि वह, अरविंद, अरुण और मृतक प्रशांत ठेका लेकर मिट्टी डालने एवं गली बनाने का काम करते थे। प्रशांत का एक भाई राजेश ट्रैक्टर से मिट्टी डालता था। पिछले दो महीने का लगभग चार लाख रुपया रुचित और अरविंद के पास जमा हो गया था। इसमें राजेश की ओर से डाली गई लगभग दो सौ ट्रालियों का रुपया भी शामिल था। इसमें प्रशांत के हिस्से के भी रुपये थे। प्रशांत और राजेश कई बार हिसाब करने के लिए कह चुके थे। सप्ताह भर पहले प्रशांत और राजेश ने रुपये मांगे । इन्होंने गाली गलौज भी किया। यह बात रुचित और अरविंद को नागवार गुजरी।
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इसी खुन्नस में रुचित, अरविंद, उमेश और अरुण सात सितंबर की रात प्रशांत को उसके घर से बुला लाए। पहले सड़क किनारे प्रशांत की लात घूसों से पिटाई की।  बाद में सड़क पर चारपाई डालकर प्रशांत को उस पर लिटा दिया। अरुण ने उस पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। इससे प्रशांत की मौत हो गई। इसी दौरान घटनास्थल पर पहुंचे मृतक के भाई राजेश एवं एक अन्य व्यक्ति के चिल्लाने पर वह सभी भाग गए।

 किस भारी वस्तु के प्रहार से हुई मौत
रुचित ने भले ही  हत्या की बात कबूल कर ली लेकिन यह बात अभी भी रहस्य है कि किस भारी वस्तु के प्रहार से प्रशांत की मौत हुई। अगर ट्रैक्टर से कुचलने से प्रशांत की मौत होती तो सिर और अन्य अंग कुचल गए होते। लात घूंसों की मारपीट से किसी की मौैत  होना मुश्किल है। प्रशांत की मौत की वजह एंटीमार्टम इंजरी बताई जा रही है। प्रभारी निरीक्षक आदित्य प्रकाश यादव का कहना है कि अन्य आरोपियों के पकड़े जाने से इस बात का खुलासा हो सकता है। जल्द ही अन्य दोनों हत्यारोपी भी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
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