शहर के चर्चित छोटू हत्याकांड में पुलिस ने 48 घंटे की पूछताछ के बाद शुक्रवार को व्यापारी नेता रविकांत वर्मा उर्फ लाले को छोड़ दिया है, जबकि उसके भाई और भतीजे अभी भी हिरासत में हैं। जांच की सुई अब अवैध संबंध की तरफ है। इधर, आरोपी बनाए गए दोनों नाबालिगों को पुलिस निर्दोष मान रही है।
शहर के निझाई मोहाल स्थित शशिकांत के हाते से बुधवार को सूटकेस में इटावा के निमरी निवासी छोटू का शव मिला था। वहीं शशिकांत की तहरीर पर उसी की दुकान में काम वाले दो नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया था। बुधवार देर रात छोटू के चाचा ने नैना ज्वैलर्स प्रतिष्ठान के संचालक शशिकांत सहित उनके दो भाइयों व पुत्र पर हत्या करने की आशंका व्यक्त करते हुए तहरीर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी संजीव त्यागी ने खुद जांच की कमान संभाली। सभी आरोपियों को कोतवाली लाया गया।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार दोनों नाबालिग अभी तक की जांच में निर्दोष लग रहे हैं। एसपी का कहना कि जांच में मृतक और एक अन्य लड़के के बीच अवैध संबंध होने की बात सामने आ रही है। पर, हत्या की वजह क्या है इस सवाल पर पुलिस चुप है। इधर, शुक्रवार को व्यापारी नेता रविकांत वर्मा को छोड़ दिया गया, जबकि पुलिस उनके भाई और भतीजे से अभी भी पूछताछ कर रही है। सूत्रों की मानें तो छोटू हत्याकांड में पुलिस का शक व्यापारी के भाई अजयकांत वर्मा और उसके पुत्र की तरफ है।