क्षेत्र के अमृतपुर में गर्भवती महिला व तीन मासूम बच्चों की मौत के मामले में आरोपी सास-ससुर को पुलिस ने बुधवार ने जेल भेज दिया है। वहीं चारों मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण स्पष्ट नही हुए हैं। जांच के लिए बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। पुलिस बिसरा रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है।
अमृतपुर में दिल दहला देने वाली घटना से पूरा गांव स्तब्ध है। ग्रामीणों को पूरा मामला अभी तक समझ नही आ रहा है। ग्रामीण आज भी हत्या न होने की बात कह रहे हैं। वहीं सूचना पर मृतका के पति अवध बिहारी की बहनें शीला व किरन गांव में पहुंच गई। रिश्तेदारों का भी तांता लगा रहा। भाजपा नेत्री गीता शाक्य ने गांव जाकर पीड़ित परिवार के लोगों व ग्रामीणों से बात की। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण स्पष्ट नही हैं। बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। बिसरा रिपोर्ट के बाद ही पुलिस तथ्यात्मक जांच करेगी। अभी अन्य लोगों से बयान लिए जा रहे हैं।
सास ससुर बोले वह निर्दोष हैं
जेल जाते वक्त सास लौंग श्री व ससुर सती प्रसाद ने कहा कि वह लोग निर्दोष हैं। उसकी नातिन ने चाय बनाई और धोखे से कीटनाशक दवा डाल ली। मेरा इकलौता बेटा था। उसके परिवार को क्यों खत्म करूंगी।
पुलिस की जांच में फंसा पेंच
पुलिस अभी मामले को आत्महत्या मान रही है। मगर मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर सास-ससुर व पति को आरोपी भी मान रही है। पुलिस मामले में ग्रामीणों और अन्य रिश्तेदारों के बयान ले रही है।
बहनों बोलीं, मां बाप ऐसा नही कर सकते
अवध बिहारी की बहनें शीला और किरन भी सूचना पर घर आ गईं। दोनों बहनों ने बताया कि उसके मां-बाप हत्या नही कर सकते हैं। यह एक हादसा है। उन्हें जबरन आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया है।
ग्रामीणों भी हत्या नही मान रहे
ग्रामीणों का कहना है कि सतीप्रसाद व लौंगश्री हत्या नही कर सकते। हो सकता है वाद विवाद हुआ हो मगर ऐसा कदम नही उठाएंगे। अवध बिहारी उनका इकलौता पुत्र था। अगर कोई बात होती भी तो अपने नाती को नही मारेगा।
मामले में जांच चल रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण स्पष्ट नहीं है। बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
अतुल शर्मा, एसपी