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किसी भी दिन छिड़ सकता है आंदोलन

Sat, 19 Mar 2016 12:01 AM IST
Auraiya, Uttar pradesh, India
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कत्ल
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राजवीर हत्याकांड में पुलिसिया कार्रवाई से असंतुष्ट पीड़ित परिवार ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलने का मन बना लिया है। परिजनों ने दो दिन के अंदर नामजद आरोपियाें की गिरफ्तारी किए जाने की मांग की थी। लेकिन डेडलाइन बीतने के बाद भी हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित परिवार की माने तो अब वह किसी भी दिन आंदोलन कर सकते हैं।  
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कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जरुहौलिया का बहुचर्चित राजवीर हत्याकांड मामला पुलिस के लिए सिरदर्द बन सकता है। एक माह बाद भी नामजद हत्यारोपी शशवेेंद्र व शिव कुमार दुबे की अभी तक गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार खफा है। पुलिसिया कार्रवाई से असंतुष्ट होकर विगत 14 मार्च को मृतक राजवीर की पत्नी प्रधान संगीता परमार ने करोसीन डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया था। जिस पर पुलिस ने तीन-चार दिन के अंदर बचे हत्यारोपियों की गिरफ्तारी किए जाने का आश्वासन दिया था।

पुलिस की ओर से हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की दी गई डेडलाइन 19 मार्च को समाप्त हो गई। पुलिस ओर से आए दिन दिए जा रहे आश्वासन से पीड़ित परिवार में आक्रोश व्याप्त है। वैसे पुलिस ने प्रधान संगीता परमार के परिवार की सुरक्षा के लिए चौबीस घंटे दो सिपाही उपलब्ध कराए हैं, लेकिन नामजद हत्यारोपियों की गिरफ्तारी करने में पुलिस अभी तक असफल ही साबित हो रही है।
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पीड़ित प्रधान संगीता परमार का कहना है कि अब वह पुलिस के किसी भी आश्वासन को नहीं सुनेंगी। राजवीर की हत्या के बाद से जालौन, कानपुर देहात व औरैया जिले के क्षत्रिय समाज के लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ काफी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि किसी भी दिन पुलिस प्रशासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ा जा सकता है। मामले में एएसपी विपुल कुमार ने बताया कि पुलिस प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है। पुलिस लगातार हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। आगे की कार्रवाई जल्द ही अमल में लाई जाएगी।

कुर्की के आदेश कराए पुलिस
पीड़ित संगीता परमार का कहना है कि जब पुलिस बचे हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर पा रही है तो आगे की कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि पुलिस हत्यारोपियों के घर की कुर्की के आदेश लाए तभी आंदोलन शांत होगा, नहीं तो इस बार आंदोलन को तेज धार दी जाएगी।
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