इटावा जिले के युवक पर औरैया दिबियापुर रोड पर सेहुद मंदिर के पास ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं। एक गोली युवक की पीठ में लगी। दिबियापुर सीएचसी पर प्राथमिक उपचार के बाद युवक को जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया है। घायल ने आरोप लगाया कि उसके भाई के हत्यारों ने ही जान से मारने की नीयत से हमला किया है।
रविवार देर शाम लगभग आठ बजे दिबियापुर पुलिस को सूचना मिली कि औरैया दिबियापुर मार्ग पर सेहुद मंदिर के पास एक युवक को किसी ने गोली मार दी है। इस पर आनन फानन में मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को दिबियापुर सीएचसी में भर्ती कराया। घायल ने अपना नाम अजय पाल यादव पुत्र राजेंद्र सिंह यादव निवासी गुलाबपुरा, इटावा बताया। युवक फरीदाबाद में प्राइवेट नौकरी करता है। घायल के अनुसार उसका भाई मनोज यादव दोहरेपुर श्रीरामनगर, कानपुर देहात में अपनी मामी रामजानकी के घर रहता था। रामजानकी की जमीन का विवाद शिवली कानपुर देहात निवासी एक व्यक्ति से चल रहा था। मनोज अपनी मामी के जमीनी विवाद की पैरवी करता था।
इसी बात से खुन्नस खाए विपक्षियों ने मनोज का अपहरण कर 15 फरवरी को कन्नौज जिले के हैवतपुर कटरा में गोली मार दी थी। बाद में हैलट कानपुर में 26 फरवरी को मनोज की मौत हो गई। इस मामले में कन्नौज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी मुकदमे के सिलसिले में पुलिस अधीक्षक कन्नौज से मिलने के लिए फरीदाबाद से आया था। एसपी से मुलाकात नहीं हो सक ी। सोमवार को इलाहाबाद में इसी मुकदमे की तारीख थी। इलाहाबाद जाने के लिए रविवार की रात फफूंद से संगम एक्सप्रेस पकड़नी थी। कन्नौज से वह ट्रक में सवार होकर दिबियापुर के पास सेहुद मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के लिए उतरा। ट्रक से उतरते ही पीछा करते हुए पहुंचे चार आरोपियों ने उसके ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। एक गोली उसके पीठ में लगी है। बाद में सभी आरोपी भाग गए। सीएचसी में मौजूद दिबियापुर थाने के उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि मामला संदिग्ध लग रहा है। फिर भी जांच की जाएगी।