पिस्टल फैक्ट्री से पकड़ा गया मुख्य आरोपी अयोेध्या प्रसाद असलहों की बिक्री का मझां हुआ खिलाड़ी है। वह कई सालों से अड्डे बदलकर इसी काम में लगा है। उसकी पिस्टलों की सप्लाई कन्नौज, इटावा, उरई सें लेकर कानपुर तक होती थी। वह 15 से बीस हजार रुपये में पिस्टल बेचता था। पुलिस ने जनवरी 2016 में उसे हाइवे से पकड़कर जेल भेजा था। इटावा, कन्नौज व कानपुर में असलहा बेचने व रखने के कई मुकदमे उस पर दर्ज हैं।
फिरोज़नगर में अपने निजी मकान में वह इस समय पिस्टलों को बनाने का काम कर रहा था। इससे पहले वह कई अन्य अड्डों पर भी यही काम करता था। अभी हाल ही में जनवरी 2016 में औरैया कोतवाली पुलिस ने उसे असलहा ले जाते गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दो महीने ही बाद वह जमानत पर बाहर आ गया। फिर अपने धंधे में शामिल हो गया। बताते हैं कि अब उसने अपने लड़के को भी इसी धंधे में शामिल कर लिया। उसकी पिस्टल की डिमांड आस पास के जिलों के अलावा कानपुर तक में है। उसके खिलाफ कानपुर में भी असलहा रखने का मुकदमा दर्ज है। कोतवाल संजय मिश्रा का कहना है कि उसके खिलाफ कई जिलों में मामले दर्ज हैं।