औरैया। पीडब्ल्यूडी की तमाम भूमि पर बरसों से अवैध अतिक्रमण है। करोड़ों की कीमत व व्यवसायिक महत्व वाली इस तरह की 150 भूखंडों को चिन्हित कर अतिक्रमणधारियों को नोटिस देकर विभाग ने अपना काम निपटा दिया। यह सब कार्रवाई भी शासन द्वारा एंटी भूमाफिया अभियान के तहत सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए सख्ती दिखाने के दौरान हुई। हालांकि इन अतिक्रमण को कब हटाया जाएगा, इस सवाल का जवाब विभागीय अफसरों के पास भी नहीं है।
मालूम हो कि शासन ने एंटी भूमाफिया अभियान के तहत सभी सरकारी विभागों को अपनी-अपनी जगह पर अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश दिए हैं। इसी अभियान के तहत प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग ने लगभग अवैध कब्जों की सूची तैयार की है। इसमें दिबियापुर में 130 और औरैया क्षेत्र में दो दर्जन स्थान चिह्नित किए गए हैं। विभाग ने इन स्थानों पर नोटिस चस्पा कर अतिक्रमणकारियों से स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने को कहा है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि अधिकांश भूमि पर अवैध कब्जेधारी रसूख वाले लोग है। जिनकी सरकार और प्रशासन पर पकड़ है। इसलिए अभी से विभागीय अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास भी शुरू हो गया है। सत्ताधारी पार्टी से जुड़े नेता व जनप्रतिनिधि इस अभियान को न चलाने का दबाव बना रहे हैं। ऐसे में अभियान की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे हैं। विभाग की करोड़ों रुपये की कीमत वाली जमीन से अवैध कब्जे कब हटेंगे, इस सवाल के जवाब में रटारटाया जवाब देते हुए पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता आरएस यादव ने कहाकि कब्जा करने वाले स्थानों पर नोटिस चस्पा कर स्वयं अतिक्रमण हटाने को गया है। यदि समय रहते उन्होंने अतिक्रमण न हटाया तो विभाग प्रशासनिक अमले के साथ अतिक्रमण हटवाया जाएगा।