क्षेत्र के ग्राम मउ कछपुरा में दयाराम की हत्या सिर्फ पुरानी रंजिश के कारण नहीं हुई। इस रंजिश के साथ प्रधानी का चुनाव भी एक कारण था। प्रधानी चुनाव में मृतक की बहू लड़ी थी। हालांकि 60 मतों से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इससे दोनों के बीच रंजिश और बढ़ गयी थी।
ग्रामीणों की मानें तो दयाराम और उदयवीर के परिवारीजनों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही है। दोनों के बीच रंजिश तब और बढ़ गई जब दयाराम ने अपनी बहू पुष्पा देवी देवी को उदयवीर की मां अनारकली के सामने प्रधानी के चुनाव में उतार दिया। हालांकि इस चुनाव में पुष्पा देवी को 50 मतों से हार का सामना करना पड़ा था। इसे लेकर उदयवीर और उसके परिवार के लोग दयाराम से रंजिश मानने लगे थे। दोनों के बीच अक्सर झगड़े भी होते रहे हैं।
इसकी सूचना कोतवाली तक तो पहुंची, लेकिन कोतवाली पुलिस ने उन झगड़ों को गंभीरता से नहीं लिया। जिसका खामियाजा आज दयाराम को जान देकर चुकाना पड़ा। इधर हत्यारोपियों का सात मृतक के भाई ब्रजेंद्र नरायन ने भी किया। ब्रजेंद्र नरायन ने प्रधानी के चुनाव में भी उदयवीर का साथ दिया था। हत्या में उदयवीर का साथ रहा। देरशाम मृतक के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह सिरौही का कहना है कि जल्द ही सभी हत्यारों की गिरफ्तारी कर घटना का पर्दाफाश किया जायेगा।