घटना को लेकर कोतवाली के बाहर जमा लोग।
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विकास खंड अछल्दा में तिलकपुर सरमेड़ी के एक क्षेत्र पंचायत सदस्य के पति को घर से उठा ले जाने के चलते बुधवार को दो पक्षों में फायरिंग हुई। बाद में पंचायत सदस्य के पति के अपहरण की बात से इनकार करने पर मामला शांत हुआ। लेकिन मामला कोतवाली पहुंचा तो पूर्व विधायक फैसला कराने पहुंच गए।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तिलकपुर सरमेड़ी में बुधवार को क्षेत्र पंचायत सदस्य के पति के अपहरण की सूचना फैल गई। इस बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। हालांकि इस फायरिंग से किसी भी पक्ष से किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है, पर गांव भय का माहौल कायम है। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। मौके से 16 खोखे भी बरामद किए। इसके बाद दोनों पक्षों के लोगों को कोतवाली ले आई। कोतवाली में जिला पंचायत सदस्य शरद राना और अछल्दा ब्लाक प्रमुख के पति कमलेश यादव व उनके समर्थक जमा हो गए। कुछ समय के बाद सपा के पूर्व विधायक प्रदीप यादव भी कोतवाली पहुंच गए।
कोतवाली में जो मामला सामने आया उसके मुताबिक बीडीसी विमलेश कुमारी दोहरे के पति अमर सिंह को लेकर विवाद हुआ था। इसमें बीडीसी पति अमर सिंह का कहना है कि वह अपनी स्वेच्छा से शरद राना के साथ देवरांव ग्राम गए थे। इसी दौरान कमलेश यादव व उनके पक्ष के लोग सरमेड़ी उसके ग्राम पहुंच गए। इसके बाद ये लोग छतों पर चढ़ गए और फायरिंग करने लगे। जवाब में दूसरे पक्ष ने भी फायरिंग की। मामला तब स्पष्ट हुआ जब बीडीसी पति ने साफ तौर पर कहा कि उसका शरद राना ने अपहरण नहीं किया था।
वे अपनी मर्जी के उनके साथ किसी काम से गया था। इसके बाद दूसरा पक्ष शांत हो गया। इधर, सपा के पूर्व विधायक प्रदीप यादव ने दोनों पक्षों को शांत कर मामला निपटा दिया। कोतवाली प्रभारी अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी पक्ष ने मामले को लेकर अभी तहरीर नहीं दी है। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने बीडीसी व उसके पति और पुत्र को सुरक्षा को लेकर कोतवाली में ही रोक रखा है।