औरैया। जिला जज राजीव गोयल ने हत्या के मामले की सुनवाई पूरी होने पर पिता व उसके तीन बेटों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। मामला दस साल पहले उधारी के रुपये मांगने के विवाद में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या से संबंधित है।
डोडापुर गांव निवासी वीरेंद्र कुमार व उसका बेटा आलोक 15 मई 2008 की सुबह करीब छह बजे बिधूना जा रहे थे। वे गांव से बाहर तालाब के पास पहुंचे थे कि पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अस्पताल ले जाते समय वीरेंद्र की मौत हो गई। घायल आलोक ने रिपोर्ट दर्ज कराई।
आरोप लगाया कि उसके पिता वीरेंद्र व रामनरेश के बीच 20 हजार रुपये का लेनदेन था। उसके पिता ने रामनरेश से उधारी के रुपये मांगे तो वह विवाद करने लगा। 14 मई को भी दोनों में विवाद हुआ था। इसी बात की रंजिश में राम नरेश मिश्रा व उसके पुत्र दिलीप कुमार दीपू, पूरन उर्फ प्रदीप कुमार, पंकज उर्फ देवेश कुमार ने लामबंद होकर हमला बोल दिया।
दिलीप बंदूक लिए था, जबकि अन्य तमंचा लिए थे। फायरिंग के दौरान शौच के लिए जा रहे गांव निवासी अमित कुमार भी जख्मी हो गया था। पुलिस ने पिता व उसके तीनों बेटों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। यह मामला सत्र न्यायाधीश राजीव गोयल की कोर्ट में चला।
न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई के बाद रामनरेश व उसके तीनों पुत्रों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 25-25 हजार का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अभियोजन की ओर से डीजीसी जितेंद्र सिंह तोमर व वरिष्ठ वकील हृदय नारायण पांडेय ने दलीलें पेश की। दोषी पिता व तीनों पुत्रों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।